Tuesday, March 17, 2020

Pain को दें थोड़ी मोहलत

strong think in pain


किसी भी शारीरिक pain के साथ जीना एक 
चुनौती है। मैं इसे पूरी तरह से समझती हूँ। 2007
 में, मैं Thoracic outlet syndrome की चपेट में
 आ गई थी। यह बेहद दर्दनाक स्थिति होती है।
 इसमे coller-bone और पसलियों के बीच की 
मांसपेशियों, शिराएँ और धमनियां संकुचित होने 
लगती है। D
फिर भी, जैसा कि ज्यादातर हम सभी करते हैं, 
मुझे विश्वास था कि मेरी हालत जल्द ही ठीक हो जाएगी। pain दूर हो जायेगा। प्राय: शारीरिक 
बीमारियों में यही होता है। पहले pain शुरू होता है और कुछ दिनों या हफ़्तों में वह ठीक हो जाता है।
 इस बीच हम pain या बेचैनी को कम करने के लिए कुछ medicine खा सकते है, कुछ उपाय कर 
सकते है। 
लेकिन अगर pain जड़ जमा ले और किसी चीज से ठीक न हो, तब हमें क्या करना चाहिए? 
स्वाभाविक जवाब होगा कि उससे निपटने का उपाय करना चाहिए। यानी रोज-रोज का संघर्ष। सटीक 
medicine और कारगर उपचार की तलाश। एक के बाद दूसरी medicine को आजमाना। अगर कोई 
भी चीज काम न करे तो अंततः एक सुबह जगने पर हमें पता चलता है कि pain से लड़ने के लिए 
अब हमारे पास कोई हथियार नही बचा है। ऐसे में हम बिलकुल छोर पर पहुंच जाते है। हम तय करते
 हैं कि अपने pain की अनदेखी करेंगे, हमें इसके साथ ही रहना होगा। फिर हम मुस्कराने की कोशिश 
करते है। pain को नजरअंदाज करते है। किस्मित या शरीर को दोष देने लगते है। पर pain जमा रहता
 है, कायम रहता है। 
pain से लड़ना थका देने वाला होता है। यह tension पैदा करता है, जो दर्द को ठीक करने की राह में 
बाधा होता है। लम्बा pain, समय के साथ असहायता और निराशा को जन्म दे सकता है। अगर pain में
 सुधार न हो तो व्यक्ति खुद को किसी अँधेरे कुए में पाता है। 
ऐसे में क्या कोई बीच का रास्ता नही है, जो pain से लगातार लड़ने के मुकाबले कुछ कम थकाने वाला
 और कम निराश करने वाला हो? मैंने दोनों स्थितियों के बीच बरसों गुजारे। तब, मैंने उस रास्ते को 
चुना, जहाँ दर्द के बीच भी अधिक सहजता और अनुग्रह के साथ रहा जा सकता था। इसलिए pain के
 बारे में अपनी धारणा को बदलने की कोशिश की। मैंने pain को महसूस करने और उस पर प्रतिक्रिया 
देने के अपने तरीके को बदल दिया। इससे मुझे pain के साथ अपने रिश्ते को और अधिक positive 
रचनात्मक बनाने के तरीके मिल गये। आखिरकार, मुझे कुछ राहत का अनुभव हुआ। मैंने तीन तरीके
 से pain के साथ अपने relation में बदलाव किया। ये तरीके थे-

दर्द से दोस्ती

इसने मुझे यह समझने में बहुत मदद की कि pain कोई दुश्मन नही है। यह एक संकेत और सन्देश है,
 जो हमें बताता है कि body खुद को ठीक करने की कोशिश कर रहा है। pain अंदर की आवाज़ है, जो
 बताती है कि वहां कुछ तालमेल बिगड़ गया है, जिसको सही रखने की कोशिश की जा रही है। pain को
 यातना मानने की बजाय, मैं उसे अपने body का स्वाभाविक संचार समझने लगी। मैंने खुद से पूछा, 
अगर यह प्रतिकूल की बजाय, किसी positive मकसद से हुआ तो, अगर यह body के किसी हिस्से की
 ओर ध्यान दिलाने के लिए हुआ तो, तब मैंने pain से पूछना शुरू किया कि वह क्या चाहता है। मैं 
अपने body की सहायता के लिए उसको क्या दे सकती हूँ और क्या कर सकती हूँ। मुझे समझ में आया
 कि वह मुझे अंदर और बाहर दोनों जगह थोड़ा धीमा होने के लिए कह रहा था। मैंने सीखा कि pain 
पर गुस्सा या नफरत की बजाय उस पर अलग तरीके से ध्यान देने की जरूरत थी। जब मैंने उसे सुनने,
 उसका सम्मान करने और दयालु होने की कोशिश की तो मेरा tension और pain कम होने लगा। 

सही तरीकों की तलाश

मैंने pain के साथ जीने के बारे में diary लिखनी शुरू की, जिसने मुझे इस अलग तरह से देखने में 
मदद की। मैंने दर्द के साथ जीने की अपनी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं के बारे में लिखा। मैंने नुकसान 
और अकेलेपन, शर्म और हताशा के बारे में लिखा। फिर मैंने दर्द के बारे में और खुद के बारे में अपने 
लिखे को जोर से पढ़ा। इससे हम दोनों ने सुन लिया और हम दोनों ने आराम किया। दर्द ने जाना शुरू 
कर दिया। 
मैं तब एक कदम और आगे बढ़ी। मैंने ऐसे एक व्यक्ति को अपने दर्द सुनाया, जो मुझ पर भरोसा कर 
सकता था। मैंने उससे कहा कि वह कोई सलाह न दे। सिर्फ खुले दिल से मेरी बातें सुने। मैंने उसे अपने
 दुःख और भय, अकेलेपन और शर्म के बारे में बताया। मैंने उसे ऐसी बातें बताई, जो मैंने कभी किसी 
को नही बताई थी, क्योंकि मैं इन सभी चीजों को एक साथ रखने की कोशिश कर रही थी। कोई बिना 
कुछ पूछें या सुझाये आपको pain का साक्षी बनता है और मानता है कि आप तकलीफ में हैं तो यह 
बात बहुत राहत देती है। 
थोडा समय चाहिए
मैंने यह भी पाया कि pain अपने लिए मोहलत मांग रहा था। मेरी जल्दबाजी के कारण body ने सही 
reaction नही दी। pain की अपनी खुद की समय सारिणी थी। pain को ठीक होने के लिए उसे समय 
देना body से हमारे रिश्ते को बेहतर बनाने में मदद करता है। ऐसा करना उपचार के लिए अधिक 
अनुकूल था। ऐसा करने के बाद मैंने और अधिक अनुकूल था। ऐसा करने के बाद मैंने और अधिक 
स्वतंत्र रूप से सांस ली। हर चीज अधिक आराम की मुद्रा में आ गई और मैं उपचार को लेकर अपने 
जूनून को control कर सकी।
मैंने दर्द के खिलाफ जोर देना बंद कर दिया और चिकित्सा प्रक्रिया पर भरोसा करना बंद कर दिया। 
हैरतअंगेज रूप से मुझे आराम आराम मिलने लगा। जब मैंने उससे तत्काल दूर जाने की अपेक्षा की, 
तब वह बढ़ गया। लेकिन जब मैंने उसे धैर्य व् प्यार से संबोधित किया, तब मुझे जल्दी राहत महसूस 
होने लगी। आखिर में, मैंने यही पाया कि यह दृष्टिकोण पुराने pain से राहत दिलाने में कारगर है। 
इनमें से कोई भी नजरिया pain से पूरी तरह मुक्ति की गारंटी नही है, लेकिन ये राहत, आशा और सही
 बदलाव की पेशकश लगभग तुरंत कर सकते है। लम्बे समय से pain के साथ रह रहे लोग जानते है
 कि दर्द से राहत का एक छोटा सा उपाय भी उनके लिए किसी बड़े उत्सव से कम अहमियत नही रखता है। 
दर्द समय के साथ किसी आध्यात्मिक गुरु जैसा कुछ बन जाता है। इसने मुझे सिखाया है कि कैसे 
अधिक गहराई से, अधिक सहज होकर जीना है। दर्द के साथ रहने से मुझे यह समझने में मदद मिली
 कि life में मेरे लिए क्या important है। 
 
 
# इस article की writer सारा एनी शोकन है, जो writer, education film director और नियमित 
स्तंभकार। वह Thoracic outlet syndrome  का सामना कर रही है। ‘The pain companion’ नाम 
से book भी आ चुकी है। 



Tags:  दूसरों को खुद में देखना ही सच्चा प्रेम     गर हो खुद पर विश्वास




Tuesday, March 3, 2020

गर हो खुद पर विश्वास

self respect and love


आत्म-सम्मान कहें, आत्म-प्रेम या फिर आत्म-मूल्य। इसकी शुरुआत इस सोच के साथ होती है कि आप प्यार करने के लायक है; खुद से प्यार करने के लायक है। सच यही है कि life में हम ज्यादातर जिन चीजों से लड़ते हैं, उनमें से एक अपने प्रति ईमानदार होना भी है। अतीत की ठेस को हम छिपाना पसंद करते हैं, ताकि फिर से चोट पहुंचने से खुद को बचा सकें। खुद से प्यार करने की वकालत करने की एक बड़ी वजह यही है कि जब हम ऐसा करना शुरू करते हैं, तो हम ऐसी सोच पैदा करने लगते है, जो हमें खुद के प्रति ईमानदार होने के करीब लाती है। जाहिर है, यदि आप दूसरों को महज खुश करने के लिए कुछ कर रहे है, या बातें बना रहे है, तो यकीनन आप अपने होने का उद्देश्य को नकार रहे है। खुद को ख़ुशी से वंचित कर रहे है। खुद से प्यार करके ही पता चलता है कि आप कौन है?
खुद पर भरोसा करना शुरू करें
कई बार हम खुद के प्रति अनिश्चित होते है। अपने decision की आलोचना करते रहते है या फिर अपने आसपास मौजूद अन्य लोगों की राय पर फैसले तय करने लगते है। खुद पर भरोसा करने की बजाय हम दूसरों पर यह विश्वास आखिर क्यों करते है? हमें नही भूलना चाहिए कि हमारा मानस भी अद्धितीय है, सुन्दर है। एक ऐसी दुनिया में, जहां किसी को आंकने या दूसरों से तुलना करने की इतनी जल्दबाजी हो, वहाँ सच्चे आत्म को दबाना आसान हो सकता है। हम अपनी संस्कृति या माता-पिता से यह सीखते है और लगातार खुद को आंकना शुरू कर देते है। यह एक खुशहाल life का तरीका कतई नही है। इससे हम अनवरत किसी ऐसी चीज का पीछा कर रहे होंगे, जो हमारे खास होने को झुठलाती है।
अपने प्रति ईमानदार होने के लाभ
आत्म-सम्मान के निर्माण का कोई सही या गलत तरीका नही होता है। इसमें अन्दर का बचपन मार्गदर्शक का काम करता है। उस पर विश्वास करें। खुद से प्यार करें और उस रूप के प्रति सच्चे रहें, जो आपका सर्वश्रेष्ठ है। स्वयं के प्रति सच्चा होना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो हम रोजाना करते है। और यह कतई न सोचें कि चूँकि अपनी गलती की है, इसलिए आप unsuccessful है। life एक experience है, जो हमे daily सिखाता रहता है, कभी-कभी हम सही decision लेते है, तो कभी नही। इससे मायूस नही होना चाहिए, क्योंकि हम इससे सीख रहे होते है। गलत चर्चाओं को अपने उपर हावी न होने दे और खुद पर भरोसा रखें। जब आप ऐसा करते है, तो आपको अपने अन्दर कई तरह के बड़े बदलाव दिखेंगे। जैसे-

1-  संवेदनशीलता
जब हम हर स्थिति में खुद से प्यार करते है, तो हम यह सीखते है कि कब हम सर्वश्रेष्ठ होते है। हम अपने और दूसरों के प्रति भी अधिक सवेंदनशील बनते है और और अतीत के फैसलों के आधार पर खुद को आंकना बंद कर देते है। अपनी गलतियों से हम सीखते है और आगे बढ़ जाते है। हमारे लिए life के बदलाव को accept करना ज्यादा आसान हो जाता है।

2-  मजबूती
पल-दर-पल सच्चा होना हमें साहसी और दिलेर बनाता है। जब चुनौतियों आती है, तो हम बेशक दबाव महसूस कर सकते है, लेकिन उसका सफलतापूर्वक सामना भी करते है। क्योंकि हमने यही सीखा होता है कि अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए खुद पर भरोसा रखना चाहिए, फिर चाहे हम success हो या unsuccess!

3-  निश्चितता
जब हम अपने सच्चे स्व को व्यक्त करने लगते है, तो tension कम होने लगती है और कठिनाईयों को परे झटकना शुरू कर देते है। खुद को कोसना समय के साथ कम होने लगता है और future को लेकर हमारी आंशकाएं छीजने लगती है। हम present में सहज होने लगते है और अतीत को आस-पास फटकने नही देते। हमारा पूरा ध्यान वर्तमान पर होता है, जिससे हमें निश्चितता मिलती है, फिर परिस्थिति कैसी भी रहे।

4-  Positivity
भीतरी आवाज पर भरोसा करते ही दूसरों के साथ हमारे रिश्ते बदलने लगते है। हम अपने आस-पास उन लोगों को महसूस करने लगते है, जो मदद को हमेशा तैयार रहते है या हमें प्रोत्साहित करते है। हम ऐसे लोगों के साथ ज्यादा वक्त नही बिताते, जो हमारी energy बर्बाद करते है। हम उनकी तरफ attract होने लगते है, जो हमें सर्वश्रेष्ठ बनने को प्रेरित करते है।

5-  जरूरतों को पूरा होना
खुद के प्रति सच्चे होते ही हमारा life सुखद होने लगता है। हमारी जरूरतें पूरी होने लगती है, क्योंकि हम जो कुछ कर रहे होते है, उस पर हमें भरोसा होता है। हम जानते हैं कि हमें खुश रहना चाहिए। इससे हमारा अपने सपनों पर विश्वास बढ़ता है।

आत्म-सम्मान पैदा करने की सोच
1-  कोई person, place या कोई चीज तब तक हम पर हावी नही हो सकती, जब तक हम उसे ऐसा करने की अनुमति नही देंगे।
2-  मैंने भले ही अतीत में बुरे option अपनाये है, लेकिन इसका मतलब यह नही है कि मैं बुरा आदमी हूँ, और न ही मैं इस option में फंस गया हूँ।
3-  मेरे पास जो कुछ नही है, उसकी complain करना बेशक स्थिति संभालने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन इससे कुछ बदल नही सकता।
4-  जब मैं खुद से प्यार करता हूँ, तो negative परिस्थिति में यह कह सकता हूँ कि मैं अपनी चेतन अवस्था में उन वजहों से मुक्त होने को तैयार हूँ, जिनसे यह परिस्थति पैदा हुई है।
5-  खुद या दूसरों से complain पालने की बजाय life को positive तरीके से देखने का option मैं चुन सकता हूँ।
6-  मैं पुराने फैसलों से मुक्त हो सकता हूँ और बिना शर्त खुद से प्यार करता हूँ।
7-  यह आजादी मुझे हासिल है कि मैं क्या सोच सकता हूँ।

आत्म सम्मान पैदा करने की तीन आदतें
1-  पहली है, diary लिखना। diary में अपने experience को लिखें। यह लिखें कि उनसे आपको कैसा लगा और क्या आपको यह लगता है कि अंतरात्मा ने जैसा कहा, उसी तरह आपने उनसे निपटने की कोशिश की? अगर आप किसी बात को लेकर परेशान हैं, तो क्या आपने उसका सामना किया या उसे छिपाया? जितना अधिक आप diary लिखेंगे और यह यह पता करने की कोशिश करेंगे कि आपने कब अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, तो उतना अधिक आप सच को व्यक्त करने के करीब पहुंचने लगेंगे।
2-  दूसरी है, ध्यान लगाने का अभ्यास करना। अपने विचारों को संयत रखने का इससे बेहतर कोई दूसरा तरीका नही है। इससे आत्म-सम्मान एक habit में ढल जाता है, और आप हर दिन खुद से प्यार करने का अभ्यास करने लगते है।
3-  तीसरी है, सुनने का अभ्यास करना। अपने अंतनिर्हित भय को व्यक्त करने का बेहतर उपाय है, अपने भीतर झांकना और अपनी सच्ची भावनाओं को व्यक्त करना। ऐसा करने के डर से मुकाबला करना भी आसान हो जाता है। कई लोग सोचते है कि आत्म-सम्मान सबसे शक्तिशाली औजार है। यह वाकई है, लेकिन तभी, जब आप इसको सुनने और समझने से जोड़ देते है।



                                                  बस रहें साथ, चुपचाप





Friday, February 21, 2020

दूसरों को खुद में देखना ही सच्चा प्रेम

true love of humun being



अगर हम सभी एक है, तो हम कुछ व्यक्तियों की ओर क्यों attract होते हैं, जिसे हम प्रेम कहते है! यह सवाल अक्सर आपके मन में आता होगा

दरअसल, सच्चा प्यार इंद्रियों से परे होता है। उसका body से बहुत लेना देना नही होता। अपने भीतर की पहचान किये बिना सच्चा प्रेम नही होता। अपने भीतर के निराकार को जान कर ही हम दूसरों में खुद को महसूस कर सकते है। रूप या आकार में नही, भाव से प्यार होना ही सच्चा प्रेम है।

जब तक आप दिमाग से संचालित होते है, आपको सच्चा प्रेम नही हो सकता। प्रेम का एहसास हो सकता है, लेकिन वो सच्चा प्रेम नही होता। मसलन-हममें से ज्यादातर लोगों ने अपने life में महसूस किया होगा कि उन्हें प्यार हो गया है। लेकिन वास्तव में एक-दो लोग होते है, जो सचमुच प्यार में होते है। ज्यादातर लोगों में कुछ समय बाद ही प्यार का एहसास समाप्त हो जाता है। हमें सच्चे प्रेम और तथाकथित प्रेम के दूसरें रूपों को समझने की जरूरत है। रूप आभासी होता है, अपूर्ण होता है और चेतना, जो निराकार होती है, वह पूर्ण होती है।

मनुष्य (humun being) दो आयामों का सम्मलित रूप है- ‘व्यक्ति’ और ‘भाव’ (being)। व्यक्ति रूप है और भाव चेतना है, जिसका कोई रूप नही होता।

कई कारणों से हमारा एक-दूसरे के प्रति attract हो सकता है। जैसे, आप माँ के गर्भ से पैदा हुए है, इसलिए आपको उससे प्रेम है। आप पुरुष हैं तो किसी स्त्री के प्रति attract हो गये। माँ के प्रति आपका प्रेम ‘personal’ कहा जा सकता है। इसी तरह कोई person किसी दूसरे person के प्रति attract होता है, तो कई बार उसे ही प्रेम कहा जाता है। ज्यादा आसक्ति बहुत दुःख का कारण भी बन जाती है। प्रेम के इस रूप में आप या तो स्त्री या फिर पुरुष के रूप में विभाजित हो जाती है।
दूसरे के प्रति attract अपने अधूरेपन को खत्म करने की कोशिश है। विपरीत ध्रुव के माध्यम से तृप्ति पाने का प्रयास है। attract के मूल में यही बात होती है। अगर आप किसी दूसरे के प्रति attract है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आप दूसरे व्यक्ति में कुछ खास गुण ढूढने की कोशिश कर रहे है, जो आपके कुछ खास गुणों के साथ मेल खाते है। अगर उसके गुण आपके आपके गुण से मेल नही खाते, तो यह भी हो सकता है कि आपके व्यक्तित्व में जो नही है, आप उसे दूसरें में ढूढ़ने की कोशिश कर रहे है। अगर आप एक बेहद शांतिप्रिय इंसान है, तो हो सकता है आप उस व्यक्ति के प्रति attract हो जाएँ, जो बहुत नाटकीय स्वभाव वाला है। यह भी पूर्णता की ही तलाश है। अब अगर आपके life में ‘व्यक्तिगत प्रेम’ मौजूद है, तो फिर जीवन में किस चीज का अभाव है? वह चीज है अतीन्द्रिय प्रेम, जिसका body से कोई सम्बन्ध नही है।

दो व्यक्तियों का एक-दूसरे के  प्रति attract प्रारम्भ में शारीरिक हो सकता है। अगर वे साथ रहना शुरू करते है, तो यह attract लम्बे समय तक नही रह पाता। इसी बिंदु पर आकर अतीन्द्रिय प्रेम की आवश्यकता होती है, ताकि रिश्ता और गहरा हो सके। सच्चा प्रेम, इस attraction का अंतिम सोपान है। यह important बात है कि सच्चा प्रेम आपके शाश्वत और निराकार आयाम से उत्पन्न होता है। वह समय और रूप की सीमाओं में कैद नही होता।

कई बार आपको लग सकता है कि हां, यही प्यार है और कुछ दिन साथ रहने के बाद आपको महसूस होता है कि ‘मुझसे गलती हो गई’ या मैं पूरी तरह से बहक गया था/ गई थी’। माता-पिता और बच्चों के रिश्तों में भी, जो सबसे करीबी सम्बन्ध माना जाता है, अगर प्रेम का अतीन्द्रिय आयाम नही उत्पन्न होता, तो उनके रिश्ते कुछ और ही हो जाते है। यही वजह है कि कुछ लोगों के अपने माँ-बाप से रिश्ते problem से भरे होते है।

कुछ रिश्ते physical attraction की वजह से प्रारम्भ हो सकते है और फिर कुछ समय इसमें दूसरा आयाम, जिसे हम अतीन्द्रिय कहते है, आता है और वह सच्चे प्रेम के रूप में परिणत हो जाता है। यह सवाल पूछना बहुत अहम है है कि ‘क्या इस रिश्ते में गहराई है? या केवल विचार और भावनाए है, तो यह एक भयानक जेल में रहने जैसा है। कई बार ऐसे रिश्ते में आपको खास परेशानी नही होती, लेकिन असहमतियां होती है, झगड़े होते है।

कोई मानसिक शोर नही, कोई भावानात्मक तरंगे नही। इसका मतलब यह भी नही है कि भावनाएं नही हो सकती या विचार नही आ सकतें, लेकिन इस रिश्ते में कुछ और भी मौजूद रहना चाहिए। किसी भी मानवीय सम्बन्ध में यह सवाल पैदा होना अहम है, ‘क्या इस रिश्ते में space है?’ space का अर्थ है, जब विचार महत्वहीन हो जाएँ, यहाँ तक कि सारी भावनाएं भी महत्वहीन हो जाएँ। तभी life में सच्चा प्रेम उत्पन्न होता है और वही अंत तक टिका रह पाता है।




“इस subject के writer ‘एक्हार्ट टोल’ है. जो जर्मनी मूल के कनाडाई निवासी और लेखक है। उनकी गिनती आध्यात्मिक प्रभाव रखने वाले प्रभावी वक्ताओं में होती है। ‘The power of now’ उनकी famous book है।









Monday, October 14, 2019

Current GK November 2019 Part-1




1 October

1-      गैर-बैंकिंग वित्तीय company bajaj finance ने पहली बार बाज़ार पूंजीकरण के लिहाज से SBI को पछाड़ दिया है

2-      संजय कपूर को ब्रिटेन के house of commons में most इंस्पायरिंग इंडियन बॉलीवुड actor award से सम्मानित किया गया है।

3-      international astronautical union (IAU) ने भारतीय शास्त्रीय गायक व् पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जसराज के नाम पर एक एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) के नाम रखा है। 

4-      केंद्र सरकार ने अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला को international मुद्रा कोष (IMF) में excutive director भारत नियुक्त किया है और उनका कार्यकाल तीन साल की अवधि के लिए होगा।

5-      Defence research and development organisation (DRDO) ने ओड़िसा में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के लैंड अटैक संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

2 October

1-      श्रीलंका के खिलाफ 148(61) रनों की पारी खेलने के साथ आस्ट्रेलिया महिला cricket team की विकेटकीपर ऐलीसा हीली ने international टी-20 cricket में एक महिला द्वारा सर्वाधिक score का विश्व record बना दिया

2-      सरकार ने एस.एस.मल्लिकार्जुन राव को PNB का MD और CEO नियुक्त किया है और इनकी नियुक्ति 18 september 2021 तक या अगले आदेश तक के लिए की गई है।

3-      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 150 रूपये का स्मारक सिक्का जारी किया।

4-      KBC-11 में 1 करोड़ जीतने वाली मिड-डे मील कुक बबीता ताड़े को चुनाव आयोग ने अपने ‘SVEEP’ (systematic voters education and electrol particaption) program के लिए अमरावती का district एम्बेसडर बनाया है।

3 October

1-      भारत में अपना पहला टेस्ट खेल रहे भारतीय ओपनर मयंक अग्रवाल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 358 गेंदों में test में अपना पहला दोहरा शतक जड़ा

2-      रेल मंत्रालय द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार, जयपुर देश का सबसे स्वच्छ रेलवे स्टेशन है, जबकि जोधपुर दूसरे नंबर पर है।

3-      microsoft ने अपने नए Surface Neo कि तरह dual-screen device के लिए Windows 10 operating system का नया version Windows 10X पेश किया है।

4-      दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हुए पहले test के पहले दिन रोहित शर्मा ने 115(174) रन बनाये।
 इसके साथ 32 वर्षीय रोहित एक ओपनर के तौर पर international cricket के तीनों फ़ॉर्मेट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बन गये।

5-      ब्रिटिश highcourt ने हैदराबाद के निजाम कि लन्दन स्थित बैंक में जमा रकम को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे 70 वर्ष पुराने मामले में भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है।
4 October

1-      उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने lucknow में भारत की पहली निजी ट्रेनतेजस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।

2-      मध्य प्रदेश highcourt के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा पंजाब व् हरियाणा, allahabad highcourt के जस्टिस अजय लांबा गुवाहाटी के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए है

3-      भारत महिला टी-20I कप्तान हरमनप्रीत कौर को 100 टी-20I  match खेलने वाली पहली भारतीय (पुरुष या महिला) बन गई।

4-      गरीब छात्रों को मुफ्त पढ़ाने वाले IIT रुड़की के 22 वर्षीय छात्र अनंत वशिष्ठ को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गोल्ड मेडल दिया है।
5 October

1-    रोहित शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले test में 13 छक्के लगाकर किसी test match में सर्वाधिक छक्के लगाने का विश्व record अपने नाम कर लिया है।

2-    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्ध में शहीद होने पर सभी सैनिकों को मिलने वाली आर्थिक मदद 2 लाख से 4 गुना बढ़ाकर 8 लाख करने को मंजूरी दे दी है।

3-    दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय ओपनर रोहित शर्मा एक test की दोनों पारियों में स्टम्प आउट होने वाले इतिहास में पहले भारतीय बल्लेबाज बन गये।

4-    पाकिस्तानी पेसर मोहम्मद हसनैन अंतर्राष्ट्रीय टी-20 cricket में हैट्रिक लेने वाले सबसे कम उम्र के गेंदबाज बन गये है।

6 October

1-      भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच विशाखापत्तनम में हुए match में एक test में सर्वाधिक छक्के लगने का विश्व record टूट गया। दक्षिण अफ्रीका के डेन पीट द्वारा रविन्द्र जडेजा की गेंद पर जड़ा गया सिक्स match का 36 वां छक्का था।

2-      दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम में हुए पहले test में भारतीय ऑफ़-स्पिनर रविचंद्रन आश्विन test-cricket इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज 350 wicket लेने वाले गेंदबाज बन गये।
3-      test cricket में पहली बार ओपनिंग करते हुए match की दोनों परियों में शतक लगाने वाले रोहित शर्मा इतिहास में पहले बल्लेबाज बन गये है।

7 October

1-      फिजियोलॉजी या medicine का 2019 का नोबेल संयुक्त रूप से अमेरिकी वैज्ञानिक विलियम केलिन जूनियर, ग्रेग सेमेंजा और ब्रिटिश जीवविज्ञानी सर पीटर रैटक्लिफ़ की मिला है

8 October

1-      पाकिस्तानी बल्लेबाज उमर अकमल ने पूर्व श्रीलंकाई कप्तान तिलकररत्ने दिलशान के international टी-20 cricket में सर्वाधिक (10) बार शून्य पर आउट होने के विश्व record की बराबरी कर ली

2-      physics का nobel पुरस्कार संयुक्त रूप से जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और दिदियर क्व़ेलोज को मिला है।

3-      हांगकांग में एक नीलामी में जापानी कलाकार योशितमो नारा की panting ‘Knife bihind back’ $2.49 करोड़ (करीब 177 करोड़) में बिकी है।

4-      दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने फ़रिश्ते दिल्ली केयोजना की शुरुआत की और सड़क हादसे में घायल हुए लोगों को hospital पहुँचने वाले लोगो को certificate देकर सम्मानित किया।
9 October

1-      लिथियम आयन बैटरी विकसित करने के लिए संयुक्त रूप से जॉन बी. गुडइनफ़,एम. स्टैनली विटिंगम और अकीरा योशिनो को 2019 का chemistry nobel पुरस्कार मिला है

2-      भारतीय महिला कप्तान मिताली राज 20 साल से अधिक समय के international वनडे career वाली इतिहास की पहली महिला cricketer बन गई है।

3-      रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश का पहला राफेल विमान रिसीव किया, जिसका टेल नंबर ‘RB 001है। इसमे RB’ एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया के इनीशियल्स (शुरूआती अक्षर) है।

4-      रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने अनिल अम्बानी के बेटे अनमोल और अंशुल को company का निदेशक किया है एन दोनों की नियुक्ति 9 october से प्रभावी है।

10 October

1-      पोलैंड की लेखिका ओल्गा तोकारचुक को 2018 और आस्ट्रिया के लेखक पीटर हैंडके को 2019 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है

2-      अन्तरिक्ष में सैटलाइट की मरम्मत करने वाला पहला स्पेसक्राफ्ट ‘MEV-1रुसी प्रोटान राकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक launch लिया गया है।

3-      विराट कोहली पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बाद 50 test match में भारत के नेतृत्व करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गये है।