Sunday, June 4, 2017

Current GK June 2017 Part- 3


21 May

1-  भारतीय पर्वतारोही अंशु जामसेंपा एक सप्ताह में दो बार विश्व की सबसे ऊँची छोटी माउंट एवेरेस्ट को  फतह करने वाली पहली महिला बन गई है

2-  21 may 1991 को भारत के छठे prime-minister राजीव गांधी की एक आत्मघाती हमले द्वारा हत्या की गई थी।

3-  Mumbai Indians के कप्तान रोहित शर्मा IPL के हर सीजन में 300+ रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गये है।

22 May

1-  भारतीय मूल के रेसलर जिंदल महल पीपीवी बैकलैश इवेंट में विश्व champion रैंडी ऑर्टन को मात देकर अपने career में पहली बार WWE champion बन गये है

2-  बेंगलूर FC ने 38वें फेडरेशन कप football tournament के final में फिफेंडिंग champion मोहन बागान को 2-0 से हराकर ख़िताब अपने नाम कर लिया है।

3-  टाटा संस ने आदित्य बिड़ला group के corporate स्ट्रेटेजी विभाग के प्रमुख सौरभ अग्रवाल को अपने समूह का मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया।

23 May

1-  23 may, 1984 को पर्वतारोही बछेंद्री पाल माउंट एवेरेस्ट पर फतह हासिल करने वाली भारत की पहली और दुनिया की पांचवी महिला बनी थी

2-  प्रो कबड्डी लीग के पांचवें सीजन में Rs 93 लाख में नीलाम होकर नितिन तोमर इस लीग के इतिहास में सबसे महंगे खिलाड़ी बन गये है।

3-  स्वीडन ने डिफेंडिंग champion कनाडा को 2-1 से मात देकर 10वीं बार आइस हॉकी विश्व चैंपियनशिप का ख़िताब अपने नाम कर लिया है।

4-  जेम्स बांड का किरदार निभाने वाले ब्रिटिश अभिनेता सर रॉजर मूर का 89 वर्ष की उम्र में स्वीटजरलैंड में निधन हो गया

24  May

1-  सिएट क्रिकेट रेटिंग (CCR) ने अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2017 में भारतीय ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन आश्विन को साल का सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय cricketer चुना है

2-  दुबई पुलिस ने दुनिया का पहला रोबोट पुलिस officer ‘robocop’ आधिकारिक तौर पर पुलिस बल में शामिल कर लिया।

3-  24 may, 2001 को नेपाल के तेंबा त्शेरी शेरपा 16 वर्ष की उम्र में विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवेरेस्ट को फतह करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने थे।

25 May

1-  25 मई को 10 वर्ष पहले वसीम जाफर, दिनेश कार्तिक, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर ने मिलकर टेस्ट क्रिकेट में record बनाया था। चारों ने शतक बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था।

2-  world economic forum की एक report के अनुसार, राजस्थान का कोटा विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले शहरों की सूचि में 7वें पायदान पर है

26  May

1-  पंजाब के पूर्व डीजीपी के.पी.एस. गिल (82) का दिल्ली के एक hospital में heart attack पड़ने के बाद निधन हो गया

2-  केंद्र सरकार के 3 साल पुरे होने के मौके पर prime-minister नरेंद्र मोदी ने तिनसुकिया (असम) में भारत के सबसे लम्बे ढोला-सदिया पुल का उद्दाटन किया।

3-  भारतीय internet and mobile association (IAMAI) ने google india के managing director और ऐंजल इन्वेस्टर राजन आनन्दन को अपना नया chairman नियुक्त किया है।

27 May

1-  केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने नागपुर में देश के पहले इलेक्ट्रिक मास मोबिलिटी सिस्टम का उद्दाटन किया है

2-  27 may 1964 को भारत के पहले prime-minister और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जवाहर लाल नेहरु का निधन हुआ था

28  May

1-  गुजरात के वडोदरा में सबसे ज्यादा लोगों द्वारा एक साथ झांडू लगाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था

2-  28 may, 1959 को वैज्ञानिकों ने एक मिसाइल के जरिये दो अमेरिकी बंदरों को अन्तरिक्ष में 300 मील (483 किलोमीटर) की ऊंचाई तक ले गये थे।

3-  भारतीय महिला टी-20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर England की घरेलु टी-20 लीग में खेलने वाली पहली भारतीय बन गई है।

4-  28 may, 2008 को नेपाल के तत्कालीन नरेश ज्ञानेंद्र को अपदस्थ कर देश को गणतंत्र घोषित किया गया था।

29  May

1-  29 may, 1953 को न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और नेपाल के शेरपा तेनजिंग माउंट एवेरेस्ट फतह करने वाली पहले पर्वतारोही बने थे

2-  भारतीय फेंसर सीए भवानी देवी ने आइसलैंड में आयोजित टूर्नोई सैटेलाइट फेंसिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है

3-  केंद्र सरकार ने केन्द्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

4-  मणिपुर की राज्यपाल और केन्द्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला को जामिया मिलिया इस्लामिया university का चांसलर नियुक्त किया गया है।

30  May

1-  बार्सलोना के दिग्गज footballer लियोनेल मेसी को स्पैनिश लीग में शानदार प्रदर्शन करने के लिए चौथी बार ‘यूरोपियन गोल्डन शू’ award से नवाजा गया है

2-  England के खिलाफ तीन match की वनडे सीरिज में कुल 7 विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा वनडे रैंकिंग में 4 स्थान के फायदे के साथ नंबर-1 गेंदबाज बन गये है।

31  May

1-  prime-minister नरेंद्र मोदी स्पेन पहुंचे, जो लगभग 29 साल में किसी भारतीय prime minister का यह पहला स्पेन दौरा है




  
  

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Wednesday, May 31, 2017

General Science सामान्य विज्ञान- 5


Blood (रक्त)

1-  blood एक शारीरिक तरल है जो रक्त वाहिनियों के अंदर विभिन्न अंगो में लगातार बहता रहता है। रक्त वाहिनियों में प्रवाहित होने वाला यह गाढ़ा, कुछ चिपचिपा, लाल रंग का द्रव्य, एक जीवित ऊतक है।

2-  रक्त प्लाज्मा और रक्त कणों से मिल कर बनता है। प्लाज्मा वह निर्जीव तरल माध्यम है जिसमें रक्त कण तैरते रहते है। प्लाज्मा के सहारे ही ये कण सारे body में पहुंच पाते है और वह प्लाज्मा ही है जो आंतो से शोषित पोषक तत्वों को body के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है और पाचन क्रिया के बाद बने हानिकारक पदार्थो को उत्सर्जी अंगो तक ले जा कर उन्हें फिर साफ़ होने का मौका देता है।

3-  रक्तकण तीन प्रकार के होते है, लाल रक्त कणिका, श्वेत कणिका और प्लैतलैट्स।

4-  लाल रक्त कणिका श्वसन अंगो से ऑक्सीजन ले कर सारे body में पहुंचाने का और CO2 को body से श्वसन अंगो तक ले जाने का काम करता है। इनकी कमी से रक्ताल्पता (अनीमिया) का रोग हो जाता है।

5-  श्वैत रक्त कणिका हानिकारक तत्वों तथा बीमारी पैदा करने वाले जीवाणुओं से body की रक्षा करते है।

6-  प्लैतलैट्स रक्त वाहिनियों की सुरक्षा तथा blood बनाने में सहायक होते है।

7-  मनुष्य-शरीर में करीब पांच लिटर blood विधमान रहता है। लाल रक्त कणिका की आयु कुछ दिनों से लेकर 120 दिनों तक की होती है। इसके बाद इसकी कोशिकाएं तिल्ली में टूटती रहती है। परन्तु इसके साथ-साथ अस्थि-मज्जा में इसका उत्पादन भी होता रहता है। यह बनने और टूटने की क्रिया एक निश्चित अनुपात में होती रहती है, जिससे body में blood की कमी नही हो पाती।

8-  मनुष्यों में रक्त ही सबसे आसानी से प्रत्यारोपित किया जा सकता है। एटीजंस से रक्त को विभिन्न वर्गों में बांटा गया है और रक्तदान करते समय इसी का ध्यान रखा जाता है।

9-  blood का प्रमुख कार्य है: उत्तको को oxygen पहुंचाना, प्रतिरक्षात्मक कार्य, body pH control करना एवं उत्सर्जी पदार्थो को बाहर करना जैसे- यूरिया Co2, lactic acid.

तंत्रिका तंत्र (Nervous System)

1-  तंत्रिका तंत्र के द्वारा विभिन्न अंगो का control और अंगो और वातावरण में सामंजस्य स्थापित होता है। तंत्रिकातंत्र में मस्तिष्क, मेरुरज्जु और इनसे निकलनेवाली तंत्रिकाओं की गणना की जाती है।
2-  तंत्रिका कोशिका, तंत्रिका तंत्र की रचनात्मक एवं क्रियात्मक अन्य कोशिकाएं मिलकर तंत्रिका तंत्र के कार्यो को सम्पन्न करती है। इससे प्राणी को वातावरण में होने वाले परिवर्तनों की जानकारी प्राप्त होती है।

3-  पौधों तथा एककोशिकीय प्राणियों जैसे अमीबा इत्यादि में तंत्रिका तंत्र नही पाया जाता है। हाइड्रा, प्लेनेरिया, तिलचट्टा आदि बहुकोशिकीय प्राणियों में तंत्रिका तंत्र पाया जाता है। मनुष्य में सुविकसित तंत्रिका तंत्र पाया जाता है।

4-  तंत्रिका तंत्र के दो मुख्य भाग किये जाते है: केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क, मेरुरज्जु) और परिधीय तंत्रिका तंत्र (कपालीय तंत्रिकाए, मेरुरज्जु की तंत्रिकाएं) ।

प्रजनन तंत्र (Reproductive System)

1-  प्रजनन तंत्र का कार्य संतानोत्पत्ति है। प्राणिवर्ग मात्र में प्रकृति ने संतानोत्पत्ति की अभिलाषा और शक्ति भर दी है। जीवन का यह प्रधान लक्षण है।

2-  प्राणियों की निम्नतम श्रेणी, जैसे अमीबा नामक एककोशी जीव, जीवाणु तथा virus में प्रजनन या संतानोत्पत्ति ही जीवन का लक्षण है। निम्नतम श्रेणी के जीवाणु अमीबा आदि में संतानोत्पत्ति केवल विभाजन (direct division) द्वारा होती है। एक जीव बीच में से संकुचित होकर दो भागों में विभक्त हो जाता है। कुछ समय पश्चात् यह नवीन जीव भी विभाजन प्रारम्भ कर देता है।

3-  ऊँची श्रेणियों के जीवों में nature ने नर और मादा body ही पृथक कर दिए है और उनमें ऐसे अंग उत्पन्न कर दिए है जो उन तत्वों या अणुओं को उत्पन्न करते है, जिनके संयोग से माता-पिता के समान नवीन जीव उत्पन्न होता है, प्रथम अवस्था में यह डिम्ब (ovum) कहलाता है और फिर आगे चलकर गर्भ या भ्रूण (foetus) कहा जाता है। इसको धारण करने के लिए भी मादा शरीर में एक पृथक अंग बनाया गया है, जिसको गर्भाशय (Uterine) कहते है।

4-  समस्त स्तनपायी (mammalia) श्रेणी में, जिनमें मनुष्य भी एक है, नर में अंडग्रंथि, शुक्राशय और शिश्न गर्भ को उत्पन्न करनेवाले अंग है। स्त्री body में इन्हीं के समान अंग डिम्बग्रंथि, डिम्बवाही नलिका और गर्भाशय है। योनि भी प्रजनन अंगो में ही गिनी जाती है, यद्दपि वह केवल एक मार्ग है।

5-  जनन (Reproduction) द्वारा कोई जीव (वनस्पति या प्राणी) अपने ही सदृश किसी दूसरे जीव को जन्म देकर अपनी जाति की वृद्धि करता है। जन्म देने की इस क्रिया को जनन कहते है। जनन जीवितों की विशेषता है। 

ज्ञानेन्द्रियां (Sensory System)

1-  ज्ञानेन्द्रियां वातावरण के परिवर्तनों को ग्रहण करने वाले अंगो को कहते है। आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा प्रमुख ज्ञानेन्द्रियां है। आँख का सम्बन्ध दृष्टि से है। नाक द्वारा सूंघकर किसी वस्तु की सुगंध को ज्ञात किया जा सकता है। जीभ पर उपस्थित स्वाद कलिकाओं से भोजन के स्वाद की जानकारी प्राप्त होती है।

2-  आँख या नेत्र जीवधारियों का वह अंग है जो प्रकाश के प्रति संवेदनशील है। यह प्रकाश को संसूचित करके उसे तंत्रिका कोशिकाओं द्वारा विधुत- रासायनिक संवेदों में बदल देता है। उच्चस्तरीय जन्तुओं की आँखें एक जटिल प्रकाशीय तंत्र की तरह होती है जो आसपास के वातावरण से प्रकाश एकत्र करता है, मध्यपट के द्वारा आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की तीव्रता का control करता है, इस प्रकाश को लेंसों की सहायता से सही स्थान पर ध्यान करता है (जिससे image बनता है) इस image को विधुत संकेतों में बदलता है, इन संकेतों को तंत्रिका कोशिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क के पास भेजता है।

3-  कान श्रवण प्रणाली का मुख्य अंग है। कान वह अंग है जो ध्वनी का पता लगाता है, यह न केवल ध्वनी के लिए एक ग्राहक (receiver) के रूप में कार्य करता है, अपितु body के संतुलन और स्थिति के बोध में भी एक प्रमुख भूमिका निभाता है। “कान” शब्द को पूर्ण अंग या सिर्फ दिखाई देने वाले भाग के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। बाह्यकर्ण श्रवण प्रक्रिया के कई कदमो में से सिर्फ पहले कदम पर ही प्रयुक्त होता है और body को संतुलन बोध कराने में कोई भूमिका नही निभाता। कशेरुकी प्राणियों में कान जोड़े में सममितीय रूप से सिर के दोनो ओर उपस्थित होते है। यह व्यवस्था ध्वनी स्रोतों की स्थिति निर्धारण करने में सहायक होती है।

4-  नाक रीढ़धारी प्राणियों में पाया जाने वाला छिद्र है। इससे हवा body में प्रवेश करती है जिसका उपयोग श्वसन क्रिया में होता है। नाक द्वारा सूंघकर किसी वस्तु की सुगंध को ज्ञात किया जा सकता है।

5-  जीभ मुख के तल पर एक पेशी होती है, जो भोजन को चबाना और निगलना आसान बनाती है। यह स्वाद अनुभव करने का प्रमुख अंग होता है, क्योंकि जीभ स्वाद स्वाद करने का प्राथमिक अंग है, जीभ की उपरी सतह पेपिला और स्वाद कलिकाओं से ढंकी होती है। जीभ का दूसरा कार्य है स्वर control करना, यह सवेंदनशील होती है और लार द्वारा नम बनी रहती है, साथ ही इसे हिलने-डुलने में मदद करने के लिए बहुत सारी तंत्रिकाएं तथा रक्त वाहिकाएं मौजूद होती है।


6-  skin body का बाह्य आवरण होती है। चूँकि यह सीधे वातावरण के contact में आती है, इसलिए skin रोगजनकों के खिलाफ body की सुरक्षा में एक बहुत ही important भूमिका निभाती है। इसके अन्य कार्यों में जैसे तापावरोधन (insulation), तापमान विनियमन, संवेदना, vitamin-D का संश्र्लेषण और vitamin-b फोलेट का संरक्षण करती है। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त skin निशान उत्तक बना कर चंगा होने की कोशिश करती है। यह अक्सर रंगहीन और वर्णहीन होता है। 



   
                                        सामान्य विज्ञान General Science -4

   

Saturday, May 27, 2017

Important Tips for Professional Life

professional tips

1-  कार्यक्षेत्र में Tension को कैसे दूर भगाएं

तुरंत प्रतिक्रिया से बचें: अक्सर हम स्थिति के control से बाहर होने पर छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होने लगते है। यहाँ तुरंत प्रतिक्रिया करने के बजाय उन पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए, जिससे स्थिति control में आ सके।

प्राथमिकता के आधार पर चुने काम: कई बार काम की डेडलाइन के चलते tension हो जाता है। यहाँ company की रणनीति, अपनी कार्यक्षमता व अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को ध्यान में रखकर गैरजरुरी कामों को अपनी टेबल से हटा दें।

सकरात्मक रुख रखें: कार्य में tension हमारे self-confidence, energy और ध्यान को बिगाड़ देता है। इसलिए, कार्यक्षेत्र में tension को एक चुनौती के रूप में लें, ताकि आप अपने काम को बेहतर तरीके से कर सकें।

अपनी जिम्मेदारियों पर केन्द्रित रहें: office में बेवजह की बातों से खुद को दूर रखें। ऐसा न करने पर आप अपने career से भटक सकते है और आपकी कार्य क्षमता में भी कमी दिखेगी।

Senior की help लें: अगर office में किसी काम को करने में कठिनाई आ रही है, जिसकी वजह से tension बढ़ रहा है, तब आपको अपने seniors से help लेनी चाहिए।

वक्त से पहले पहुंचने की करें कोशिश: office समय पर नही पहुंचने पर जल्दबाजी और हड़बड़ाहट tension को बढ़ाती है। office जल्दी पहुंचने की habit बनाएं।

प्रबंधन करें: आज की बढ़ती प्रतिस्पर्धा में tension से बचने के लिए job छोड़ना problem हा हल नही है। office में स्थिति को संतुलित करने के लिए दो से तीन बार बीच-बीच में काम से break और संतुलित आहार लेना जरूरी है।

सफलताओं को करें याद: दबाव में सफलतापूर्वक किये कार्यो को याद करना आपके self-confidence को बढ़ाने के साथ आपमें सकरात्मक energy पैदा करता है।

खुद को खुश करना है जरुरी: हर व्यक्ति को अपने कार्य के साथ अपनी रुचियों को भी जीवित रखना चाहिए। यह ख़ुशी देने के साथ मानसिक संतुलन भी बनाये रखता है। जब आप मानसिक रूप से health होते है तो किसी भी तरह के दबाव को झेलने में सक्षम होते है।

2-  Decision लेने में कितने आगे?

decision लेने की शैली आपकी नेतृत्व क्षमता को बयाँ करती है। कार्यक्षमता के साथ अगर decision लेने की क्षमता को बेहतर बना दिया जाए तो future में अवसरों के नये रास्ते बनते चले जाते है। यहाँ decision से जुड़ी कुछ बातें

Decision लेने के तरीके पर कर्मचारी 3 श्रेणियों में बांटे जा सकते है

1-  19% employee अपनी समझ से decision लेतें है।

2-  38% कर्मियों के decision आंकड़ो व् तथ्यों पर टिके होते है।

3-  43% कर्मियों के निर्णय मात्र आंकड़ो पर टिके होते है।

Decision लेते समय प्रभावशाली कैसे बन सकते है?

1-  जब आप किसी चीज को लेकर स्पष्ट नही होते, तब आप या तो बहुत जल्दी decision लेते है या फिर किसी निर्णय से पूरी तरह पीछे हट जाते है। दोनों ही स्थितियां ठीक नही है।

2-  तब तक decision न लें, जब तक आपके पास सही जानकारियां और option उपलब्ध न हो जाएँ।

3-  सोचें कि क्या आपका decision future में option के द्वार खोलता है या उसे सीमित कर देता है? imagine करें कि आपने एक decision लिया है। फिर जाननें कि कोशिश करें कि क्या आप उस decision को लेकर हल्का महसूस कर रहे है या फिर खुद को बंधा हुआ देख रहे है?

4-  जानने की कोशिश करें कि आपके लिए क्या important रखता है और आपके लिए अर्थपूर्ण life का क्या मतलब है? इस decision के आपके life में क्या मायने होंगे? option को लेकर खुद से इस तरह के सवाल करने से decision लेना आसान हो जाता है।

ख़राब Decision की वजह हो सकती है आपकी ये 8 Habits

1-  आलस

2-  किसी अनेपक्षित घटना के लिए तैयार न रहना

3-  पुराने तरीकों पर टिके रहना

4-  दूसरों पर आश्रित रहना

5-  अकेले बने रहना

6-  technical ज्ञान की कमी

7-  संवाद करने में असफल रहना

8-  बिना किसी योजना के साथ आगे आना