Saturday, March 7, 2015

सोशल मीडिया job का search engine




आजकल जॉब की तलाश में उपयोगी कुछ लोकप्रिय websites के साथ- साथ इन दिनों जो एक और माध्यम company तथा पेशेवरो, दोनों के बीच उपयोगी कड़ी बन रहा है, वह है- सोशल मीडिया। carrier के नजरिये से देखे तो सोशल media में आपकी गतिविधियां आपके network से होते हुए समूचे cyber world में access होती है। Twiter india की तरह आज कई company सिर्फ सोशल media के जरिये प्रत्याशी खोज रही है।
 
केली sevices की ओर से कराए गये एक सर्वेक्षण के अनुसार, करीब 56 फीसदी लोगो ने माना कि पिछले साल जॉब से जुड़े अवसर के लिए उनसे सोशल media के जरिये सम्पर्क किया गया। यही नही, 25 फीसदी लोगो ने कहा कि सोशल media के रास्ते ही उन्हें job मिला भी। उधर वार्यड प्रत्रिका के मुताबिक ब्रिटेन का लगभग आधा कारोबार किसी न किसी स्तर पर अब सोशल media के मंचो का लाभ ले रहा है। यही वजह है कि सोशल media से जुड़े रोजगार बढ़ रहे है।

भारत में भी स्थिति अलग नही है। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में उन युवाओ के लिए ज्यादा मौके है, जिनके पास खास अनुभव नही है। ऐसे में सारा दारोमदार इस बात पर आ जाता है कि इस media के बारे में आपकी समझ कितनी अच्छी है और इसे अपनी जरुरतो के लिहाज से साधने में आप कितने सक्षम है। चूकि सोशल networking sites पर नियोक्ता और संभावित कर्मचारी दोनों के बीच सीधे सम्वाद होता है, इसलिए यह तेज और सटीक परिणाम देने में सक्षम है।

सोशल media पर सक्रियता भी एक किस्म का रोजगार है। कई company आज उन लोगो को हायर कर रही है, जो अपने account से उनके brand का प्रमोशन कर सके, चाहे वे देश- दुनिया के किसी भी हिस्से में रहते हो और किसी भी पेशे से जुड़े हो।

Linkedin लिंक्डइन

linkedin नई job ढूढने और जॉब बदलने दोनों ही स्थिति में एक दमदार network के रूप में उभर कर सामने आया है।

अपने online CV को सामने रखना, अपने अनुभवो और अपनी skills को professional के बीच रखना आपके carrier के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमे अपने profile को पूरा करने के बाद आप चाहे तो इसके link को facebook या twitter पर शेयर भी कर सकते है।

यहा पर ज्यादातर अच्छी company के वरिष्ठ अधिकारी और हर क्षेत्र के पेशेवर सक्रिय है, जो न सिर्फ job की सुचनाये post करते है, बल्कि यहा अच्छे उम्मीदवारों के रेफरल्स की परम्परा भी मौजूद है।

facebook फेसबुक

अधिकतर लोग फेसबुक पर अपना account बना तो लेते है, लेकिन professional नजरिये से न तो उसे update करते है और न ही facebook की सेटिंग को update करते है। प्राइवेसी सेटिंग को check करना इसलिए जरूरी है, क्योकि यहा आपको ध्यान रखना होगा कि आप यहा केवल वही जानकारी साझा करे, जो आपकी professional image के लिए महत्वपूर्ण है। अपनी उपलब्धियों का भी यहा जिक्र किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि अतिश्योक्ति न हो जाये। सोशल media site पर सक्रिय होने मात्र से संभावित नियोक्ता आप तक नही पहुच जायेगे। इस बात का स्पष्ट या परोक्ष संकेत देना जरूरी है कि आप इन दिनों job की तलाश में है। यदि किसी वजह से आप स्पष्ट घोषणा नही कर सकते तो निजी संदेशो के माध्यम से अपनी बात को प्रसारित करे। आप किस क्षेत्र में, किस तरह की job चाहते है उसे भी अवश्य स्पष्ट करे।

Twitter ट्विटर

twitter पर अपना biodata छोटा ही सही, मगर असरदार बनाये। ब्यौरा देख कर ही लोग तय करेगे कि वे आपको follow करे या नही। अपनी carrier सम्बन्धी किसी websites, blog या linkedin जैसे profile के link को शेयर करना न भूले। तस्वीर का चुनाव भी सोच समझ कर करे। यहा आप लिख सकते है की आप job की तलाश में है। जिस तरह job की तलाश में एक biodata की अहम भूमिका होती है, उसी तरह सोशल media पर आपकी विश्वसनीयता और काबिलियत की बानगी देता है आपका profile। profile पर ठीक उतनी ही जानकारी दे, जितनी प्रासंगिक हो।

blog ब्लॉग

blog आपके अनुभवो को विस्तार से परोसने का बेहतरीन platform है। आपकी विशेष skills आदि को blog के जरिये professional तक पहुचाया जा सकता है। अगर आप media या IT में job तलाश रहे है तो आपको नियमित रूप से अपने blog में post करना चाहिए। सटीक जानकारी जहा आपकी image को मजबूत करेगी, वही ख़राब जानकारी आपके लिए job के दरवाजे बंद भी कर सकती है। google+, skillpages और पिंटरेस्ट जैसी websites भी उपयोगी है।

Social media की Important बात

Social media ऐसे नये लोगो से भी संपर्क साधने का मौका देता है, जिन्हें आप व्यक्तिगत रूप से कभी नही मिले, आप जिस क्षेत्र में जाना चाहते है, उससे अधिक से अधिक लोगो से संपर्क बनाये। हालाकि social media में network बनाना एक लम्बी प्रकिया है, लेकिन इसमे निवेश किया गया समय कभी जाया नही जाता,बशर्ते कुछ बातो का ध्यान रखा जाये।

Setings सेटिंग्स 

एक professional को facebook की privacy seting को हमेशा चेक करना चाहिए। इसमे आप facebook account को सिर्फ दोस्तों तक सीमित कर सकते है। इसमे आपकी निजी गतिविधियों संभावित नियोक्ता की नजर में नही आएगी। twitter में हैश टैग का काफी महत्व है। अपने प्रत्येक टिप्पणी में हैश टैग का इस्तेमाल जरुर करे। इसमे आपकी टिप्पणियाँ ऐसे संस्थान की नजर में आ जाएगी, जिन्हें आप जैसे लोगो की तलाश है। facebook पर अपने क्षेत्र के समूहों की तलाश करे और उनसे जुड़ने की कोशिश करे।

Online छवि का रखे ध्यान

आज यह एक सामान्य बात है कि उम्मीदवार को job पर रखने से पहले company internet पर उसके बारे में व्यापक खोजबीन करती है। google में आपसे जुडी अच्छी बुरी गतिविधियां दर्ज होती रहती है। इन्ही से आपकी online छवि बनती है, जो संभावित नियोक्ता को प्रभावित या खिन्न कर सकती है। इसके लिए internet पर अपने बारे में समय-समय पर विस्तृत search रहे और गलत, अवांछित या आपकी ख़राब छवि बनाने वाली सूचनाओ को हटवाने का प्रयास करे। अपने बुरी छवि को उन website व् blog संचालको से हत्वा दे। जितना संभव हो, अपनी online छवि साफ- सुथरी रखे।

networking

social media पर networking बेहद जरूरी है। इसके लिए अपने क्षेत्र के, अपने जैसी दिलचस्पी रखने वाले और job से सम्बंधित फैसलों में प्रभाव रखने वाले लोगो के संपर्क में रहने का प्रयास करे। इस तरह की networking से न सिर्फ आपको नये अवसरों के बारे में पता चलेगा, बल्कि तमाम तरह की मदद और गाइड्स भी मिल सकेगी। social networking पर मित्र बनाने के लिए उम्र और रुतबे जैसी सीमाए नही है। यानी social media में हाल ही में graduate हुआ कोई छात्र किसी company के CEO का दोस्त बन सकता है और धीरे धीरे बढ़ते हुए संबंध आज नही तो कल लाभदायक सिद्द हो सकते है।

Skill दिखाए

ध्यान रहे, जब भी आप social media में हो तो अपने सम्बंधित क्षेत्र के खूब active रहे। यहा आपके comment आपकी दक्षता और अनुभव की ओर संकेत करते है। बेवजह की हल्की फुल्की टिप्पणियों में समय व्यर्थ करने की बजाय social sites पर ऐसी सामग्री डाले, जो दुसरो के लिए उपयोगी हो और आपकी पेशेवराना छवि को मजबूती दे। आज नेट पर बहुत से ऐसे forum है, जहा लोग अपनी समस्याओ से जुड़े सवाल पूछते है। अगर आपको इनके उतर आते है तो ऐसे लोगो को जवाब दे। अपने क्षेत्र की जानकारी और दुसरो की मदद करने की प्रवृति संभावित नियोक्ता को पसंद आती है।

Research भी करे

अपने फेवरेट company के बारे में internet की मदद से खूब research करे। इसी तरह, जो अधिकारी वहा प्रभावशाली स्थिति ने है, उनके बारे में भी पर्याप्त जानकारी जुटाए और उनसे जुड़ने की कोशिश करे। यह भी ध्यान रखे कि जिन समूहों के सदस्य है, उनकी सदस्यता लेने का प्रयास करे। इससे उनकी गतिविधियों, परेशानियों आदि का आपको अंदाजा लग सकेगा। आगे मौका मिलने पर ऐसी जानकारी आपके काम आ सकती है। कोशिश करे कि इस प्रकिया में अपनी ओर से कोई सुझाव व् समाधान भी बताते रहे। इससे आपके लिए अवसर मिलना आसान होगा।

बेवजह प्रचार न करे

अक्सर देखा गया है कि social media में कुछ hyper active user होते है, जो खुद से जुडी पल-पल की जानकारी post करते रहते है। यह उन लोगो के लिए तो ठीक है, जो वाकई इस तरह की प्रसिद्दी के हकदार है, लेकिन हर व्यकित सिर्फ प्रसिद्दी जुटाने और अपनी छवि चमकाने में ही जुट जाये तो इसका कोई अर्थ नही। ऐसी आत्म प्रशंसा और आत्म मुग्धता से बचे, क्योकि इससे संभावित नियोक्ता की दृष्टि में आपकी पेशेवराना छवि ख़राब होगी।



    
   

Tuesday, February 17, 2015

Body Language से interview में लाभ


हर कोई जानता है कि इंटरव्यू के लिए अच्छे से सजना-धजना चाहिए। लेकिन इंटरव्यू में आपका हाव-भाव आपको कहीं आगे ले जा सकता है और यह बात ख़ासी महत्वपूर्ण है।
interview में आप अपने को कैसे carryकरते हैं, इस बारे में जानकारी न तो स्पष्ट है और न पर्याप्त। दरवाजे से अंदर दाखिल होते ही आप अपनी पर्सनैलिटी के बारे में क्या कुछ बिना कहे बता देते हैं और किस तरह से हाथ मिलाते हैं या बैठते हैं, आपकी interview  को प्रभावित करेगा।
interview  में body language (हाव-भाव) के महत्व पर तीन विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए जिनसे जानकारी मिलती है कि क्या करें और क्या करने से बचें।

interview में क्या करें

पहला क़दम


इंटरव्यू लेने वाले और इंटरव्यू देने वाले के बीच अमूमन पहला संपर्क हाथ मिलाने से होता है।  body language  विशेषज्ञ डेविड अलसेमा कहते हैं, “आपका पहला प्रभाव ही अक्सर इस बात का निर्णय करता है कि interview  कैसा रहेगा. सब कुछ ठीक हो इसके लिए ज़रूरी है कि शुरुआत ठीक रहे।"
अलसेमा का सुझाव है, “समानता के कारण घनिष्ठता बढ़ती है। इसलिए हाथ उसी तरह मिलाइए जिस तरह से interview  लेने वाला आपसे मिलाता है। जब आप किसी अभिवादन का जवाब उतनी ही ताक़त से देते हैं तो आप बराबरी का संदेश देते हैं। ज़्यादा ज़ोर से हाथ मिलाना interview में हावी होने का संकेत दे सकता है।

अंतरंगता

 

हम चाहे किसी भी संस्कृति में पले-बढ़ें हों, लेकिन हम अपने आसपास की कम से कम चार परिस्थितियों से अवगत होते हैं।  लोगों के बीच जो भी महत्वपूर्ण घटित होता है वह निजी और अंतरंग स्पेस में होता है। चूंकि interview के दौरान अंतरंग स्पेस तक पहुंच से बाहर होती है, इसलिए interview  लेने वाले को अपने पक्ष में करने के लिए उसके निजी स्पेस तक पहुंच बनाना ज़रूरी है।"

आगे क़दम बढ़ाइए

हाथ मिलाना हम लोगों को उस निजी स्पेस तक ले जाता है, जहाँ हम पहुँचना चाहते हैं। मॉर्गन कहते हैं, "इंटरव्यू में बैठने की जगह को इस तरह से व्यवस्थित किया जाता है कि interview  लेने वालों के लिए हम तक पहुंचना तो आसान होता है, पर हमारे लिए उन पर अपना प्रभाव छोडना मुश्किल होता है।"

उदाहरण के लिए, आप अपनी कुर्सी को थोड़ा खिसका सकते हैं या फिर गोल टेबल के एक ही साइड में बैठ सकते हैं। एक बार जब आप बैठ जाते हैं, तो दूरी खत्म करने के अन्य रास्तों की तलाश कीजिए। उदाहरण के लिए आगे की ओर झुक जाइए, पर बहुत ज्यादा नहीं। मॉर्गन कहते हैं, "इसे बहुत ही चतुराई और सफ़ाई के साथ कीजिए और जल्दबाज़ी या बेतरतीब तरीके से नहीं। ये प्रयास बेकार नहीं जाएंगे।" मॉर्गन कहते हैं, "जब हम अपने बीच की दूरी कम करते हैं तो थोड़ी मात्रा में ही सही हम, लोगों के साथ अपना विश्वास और जुड़ाव बढ़ाते हैं।"

संवाद के लिए तैयार रहें

मॉर्गन कहते हैं, "यह बहुत आवश्यक है कि आप अपने body language को ‘openरखें। आप को थोड़ी घबराहट हो सकती है और हो सकता है कि आप अनायास ही अपने हाथों को ज़ोर से पकड़कर या बांहों को आपस में बांधकर बैठ जाएँ।"उन्होंने कहा, "इससे आप तो सुरक्षित महसूस कर सकते हैं, पर यह आपको वहां बैठे अन्य लोगों से दूर करता है या आप उनसे कटे हुए दिख सकते हैं।" इसके अलावा, अपनी बांहों को बांधकर रखना ये दिखाता है कि जो चल रहा है, आपको उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और यह आगे झुकने में भी आड़े आता है।

सारा खेल आंखों का

 

जवाब देते समय interview लेने वाले की आंख में देखना महत्वपूर्ण है। लेकिन ऐसा ज़रूरत से थोड़ा भी कम या थोड़ा भी ज़्यादा करना किसी अन्य तरह के व्यवहार का संकेत देता है। तो फिर एकदम ठीक क्या है? तो इसकी जगह आपको इस बात का अंदाज़ा इससे लगाएँ कि interview लेने वाला आपकी आंखों में कितना देखता है।अगर interview लेने वालों का पैनल है तो हर व्यक्ति को उचित समय देना और सही समय तक उसकी आंखों में देखना जरूरी है।
हर व्यक्ति को interview में उनकी आंखों में देखकर व्यक्तिगत रूप से जवाब दीजिए। अगर आप दांए-बांए देखते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि आप बोर हो गए हैं। इसलिए अगर संभव है तो ऐसा मत कीजिए।

जॉर्जिया स्थित body language विशेषज्ञ और लेखक पैट्टी वुड कहती हैं कि कुछ लोग अच्छी तरह आंखों में देखने का मतलब यह लगाते हैं कि नज़रें हटाना ही नहीं है, लेकिन यह भी गलत है।
उन्होंने कहा, "बोलते हुए बीच-बीच में नज़र हटा लेना सामान्य बात है, क्योंकि ऐसा करते हुए आप अपनी याददाश्त पर ज़ोर डालकर अपने दिमाग़ में मौजूद सूचनाओं तक पहुँचने का प्रयास कर रहे होते हैं। पर जब interview लेने वाला व्यक्ति बोल रहा हो, उस समय अपनी नज़र को भटकने मत दीजिए।" वुड कहती हैं, "answer देने के बाद interview लेने वाले की आंखों में देखने और उसकी बात को सुनना मत भूलिए। आंखों में देखने का मतलब यह होता है कि आप serious हैं और दिलचस्पी ले रहे हैं।"

गहरी सांस लेना न भूलें

interview के दौरान घबराहट होने पर कुछ व्यक्ति ज़ोर-ज़ोर से छोटे-छोटे सांस भरना शुरू कर देते हैं। यह स्थिति सब बेकार कर सकती है. वुड कहती हैं, "जब आप जल्दी-जल्दी से छोटी-छोटी सांसें लेते हैं, तो आप स्पष्ट रूप से सोचने की क्षमता खो देते हैं। इससे आपको question का त्वरित और बेहतर जवाब देने में मुश्किल पेश आएगी." उन्होंने कहा, "इसके बदले में आप लंबे सांस भरें जो पेट के निचले हिस्से से हो। स्पष्ट रूप से सोचने में यह आपकी मदद करेगा, आपको स्फूर्ति देगा और आत्मविश्वास पैदा करेगा।"

 


 

 

 







Saturday, February 14, 2015

Date Fund डेट फण्ड



कम जोखिम में दिलाये ज्यादा रिटर्न
 
हर निवेशक अधिक से अधिक रिटर्न पाना चाहते है। ऐसे में शेयर बाज़ार पर सबसे पहले नजर जाती है। जिसने पिछले 15 साल में औसतन 15 फीसदी से अधिक जबकि इस साल की   शुरुआत से अब तक करीब 35 फीसदी रिटर्न दिया है। लेकिन जोखिम अधिक होने की वजह से इसमे निवेश करने से आम निवेशक घबराते है। ऐसे में Date Fund एक बेहतर विकल्प है। इसमे शेयरों से जोखिम भी कम है और FD की तुलना में ज्यादा रिटर्न मिलने की भी संभावना रहती है।

क्या है Date Fund

Date Fund mutual fund(MF) का हिस्सा है। इसके तहत इस fund की पूंजी तय आमदनी वाले सरकारी बांड और उसके जैसे अन्य माध्यमो में निवेश की जाती है। सरकारी बांड में निवेश होने की वजह से इसमें पैसा बेहद सुरक्षित माना जाता है। गिल्ट फण्ड,इनकम फण्ड, लिक्विड फण्ड, फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान और मंथली इनकम प्लान(MIP) date fund का ही हिस्सा है। इसके तहत छोटी अवधि(short term plan), मध्यम अवधि(mid term) और लंबी अवधि(long term) के तहत भी निवेश किया जाता है।

कितना मिलेगा return

date fund में पिछले तीन साल में 10 से 15 फीसदी तक return मिला है। long term date fund के लिहाज से hdfc high interest dynamic(g) ने एक साल में 15.8 फीसदी और तीन साल में 10.60 फीसदी return दिया है। वही reliance dynamic bond(g) ने क्रमश: 14.9 और 10.80 फीसदी return दिया है। इसी तरह uti dynamic bond fund(g) में एक साल में 19.1 फीसदी और तीन साल में 10.90 फीसदी return मिला है। sbi magnum gilt ltp(g) में एक साल में 19.1 फीसदी और तीन साल में 12 फीसदी return मिला है। जबकि L&T gilt fund(g) में क्रमश 15.60 फीसदी तथा 12.7 फीसदी return मिला है। सबको क्रिसिल ने फाइव स्टार रेटिंग दी है। वही ICICI long term प्लान(g) में समान अवधि में 19.3 और 12.70 फीसदी return मिला है लेकिन इसे कोई रेटिंग नही मिली है।

कैसा है gilt और income fund

दोनों date fund के तहत अल्ग-अल्ग स्क्रीम है। gilt fund भी एक तय आय वाला निवेश सरकार से जारी किये जाने वाले bond या रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित ऐसे अन्य माध्यमो में किया जाता है। इस fund में निवेश पर तय return मिलता है। gilt fund से हुई आमदनी पर कर नही लगता है। निवेशक सुविधा के मुताबिक कभी भी इसे नकदी में बदल सकते है। income fund में पूंजी सरकारी प्रतिभूतियो और company द्वारा जारी किये जाने वाले bond में निवेश की जाती है। हालाकि income fund में return कम मिलता है।

ब्याज घटने पर बढ़ता है return

date fund bond से जुड़ा निवेश माध्यम है। bond में return ब्याज दरो की चाल के विपरीत होता है। जब बाज़ार में ब्याज दरे बढती है तो bond पर अंतिम return(yield) घट जाता है और जब दरे घटती है तो उसका return आकर्षक हो जाता है। इसकी एक खास वजह है। bond की दरे सरकारी प्रतिभूतियो से तय होती है जो अभी आठ फीसदी के करीब है। मान ले वर्तमान समय में कोई bond आठ फीसदी पर जारी किया जाता है। लेकिन अगले साल फरवरी या अप्रैल में रिज़र्व बैंक नीतिगत दरो(रेपो) में आधा फीसदी की कटौती करता है तो उसके बाद जो नये bond जारी होगे वह 7.50 फीसदी के करीब return वाले होगे। रिज़र्व बैंक दरो में कटौती की वजह से date fund में मौजूदा निवेश ज्यादा आकर्षक हो जायेगा।

ऑनलाइन भी निवेश की सुविधा 

आप date fund में बिना किसी एजेंट(brokar) की सहायता से भी निवेश कर सकते है और इसके लिए mutual fund कंपनियों के लिए डायरेक्ट प्लान की सुविधा देना अनिवार्य कर दिया गया है। mutual fund कंपनिया प्रबंधन शुल्क के तौर पर आधा फीसदी राशि लेती है लेकिन direct screem में ऐसा नही होता है। यदि पहले से mutual fund में निवेश है तो आप कंपनी की वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन निवेश कर सकते है। हालाकि, पहली बार mutual fund में निवेश कर रहे है तो शुरुआत में mutual fund कंपनी या कंप्यूटर एड मेनेजमेंट सर्विसेज(कैम्स) के पास जाना होगा और KYC प्रकिया पूरी करनी होगी।

कितना मिलेगा return

10% से 15 फीसदी तक return मिला है date fund में पिछले तीन साल में
12.7% return तीन साल में L&T gilt fund(g) में मिला
12% return मिला sbi magnum gilt ltp(g) में तीन साल में  
10.90% return तीन साल में uti dynamic bond fund(g) में मिला
10.60% return दिया hdfc high interest dynamic(g) ने तीन साल में