Saturday, February 7, 2015

मैनेज करे डेली लाइफ



आज के समय में हर किसी की दिनचर्या काफी व्यस्त रहती है। इस व्यस्त जीवन को आसान बनाने में गैजेट हमारी पूरी मदद करते है,खासकर स्मार्टफोन और उसके एप्लीकेशन। जानते है कुछ ऐसे कैलेंडर एप्स के बारे में, जो आपकी लाइफ को ओर भी आसान बना सकते है...

Fantastical calendar
आईओएस सपोर्टेड यह कैलेंडर एप्स इस्तेमाल करने में काफी आसान है, क्योकि इसे यूजर्स की जरूरत के सभी फीचर्स को ध्यान में रखकर डिजाईन किया गया है। रिमाइंडर और इवेंट्स मैनेज करने का विकल्प वैसे तो हर कैलेंडर एप्स में होता है, लेकिन ओवरलेपिंग होने की वजह से यूज़ करने में परेशानी होती है। इस एप्स में रिमाइंडर और इवेंट को मेनेज करने के लिए अल्ग-अल्ग जगह दिया गया है, जिसे मेन मेन्यु में डे टिकर के प्रयोग से एक साथ देखने की सुविधा मिलती है। रिमाइंडर स्नूज करने, इवेंट एक दिन से दुसरे दिन में ले जाने और फेसबुक और व्हाट्सऐप से शेयर करके उसके इवेंट्स की भी जानकारी ले सकते है। इसे आइक्लाउड, गूगल कैलेंडर जैसे कैलेंडर एप्स से सिंक करके उसके इवेंट्स की जानकारी ली जा सकती है। इवेंट्स या रिमाइंडर को ऑडियो क्लिप के रूप में सेव करने की भी सुविधा है।

Business calendar
फ्री और प्रो वर्जन में मौजूद बिजनेस कैलेंडर ऐप में कई ऐसे फीर्चर्स है, जो इसे खास बनाते है। इसमे आपको इवेंट और रिमाइंडर का क्लियर व्यू मिलेगा। इसके मल्टी डे व्यू के ड्रैग और ड्राप मोड़ में रिमाइंडर ओर इवेंट्स को मूव और कॉपी करने का आप्शन है। इवेंट के साथ कांटेक्ट को जोड़ने, ऐप के फॉण्ट के आकार और आइकॉन को रूचि के अनुसार बदलने, 11 अल्ग-अल्ग थीम, इवेंट्स के लिए अलग से टेमप्लेट बनाने, जैसी कई सुविधाए है। अलग बिजनेस रिमाइंडर, कई इवेंट्स को एक साथ मूव या कॉपी करने के अलावा फाइल इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट करने के भी विकल्प है।

Jorte calendar
जोर्ट कैलेंडर एप काफी पापुलर है। एस एप में पुरे माह के कार्यो की सूची और एक दिन के कार्यक्रम एक साथ ही आसानी से देखे जा सकते है। एस एप में महत्वपूर्ण अप्वाइंटमेंट की कोडिंग रेड कलर में करने की सुविधा है। इसमे गूगल कैलेंडर से अपनी पसंद की छुट्टी और विषय को सीएसवी फोर्मेट में इम्पोर्ट और एक्स्पोर्ट करने, एप का कलर, बैकग्राउंड इमेज के साथ फॉन्ट और आइकॉन के आकार को बदलने के साथ इस एप को गूगल वायस सर्च और गूगल मैप से कंट्रोल करने का आप्शन भी है। इसमे जोर्ट क्लाउड फीचर का प्रयोग कर डाटा का बैकअप तैयार किया जा सकता है।

Agenda calendar
एंड्राइड और आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम सपोर्टेड एजेंडा कैलेंडर इस तरह से डिजाईन किया गया है कि डे शेड्यूल और रिमाइंडर पर फोकस रखा जा सके। इसमे रिमाइंडर और इवेंट्स को उनकी उनकी इम्पोर्ट्स के अनुसार कलर कोडेड करने का आप्शन है। इसमे उस दिन या रिमाइंडर पर आपकी नजर बनी रहेगी। किसी खास दिन पर जाने के लिए जम्प-टू-डे जैसा आप्शन है तो स्वाइप करने से मंथली और वीकली व्यू बदलने, विजेट के प्रयोग से नया इवेंट क्रिएट करने, आठ साउंड अलर्ट और ड्रापबॉक्स में डाटा का बैकअप रखने की सुविधा है। 

My calendar
अगर आप अक्सर दोस्तों या फॅमिली मेम्बर्स का जन्मदिन भूल जाते है, तो माई कैलेंडर ऐप ऐसा नही होने देगा। यह ऐप आपको हमेशा दोस्तों के birthday की याद दिलाता रहेगा। इस खासियत की वजह से लाखो फेसबुक यूजर्स इस ऐप का प्रयोग कर रहे है। जरूरत है तो बस फेसबुक से दोस्तों का जन्मदिन इस ऐप में इम्पोर्ट करने और दोस्तों के कांटेक्ट नंबर में जन्मदिन जोड़ने की। फिर इसका कस्तमाइजेबल रिमाइंडर सेटिंग आपके फ़ोन पर दोस्तों के जन्मदिन को लेकर एक नोटिफिकेशन भेजेगा। इसके बाद आप एक क्लिक में ही अपने दोस्तों को उनकी birthday विश का मेसेज भेज सकेगे।

Wednesday, February 4, 2015

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्क्रीम में निवेश



क्या है ईएलएसएस 




ईएलएसएस की अधिकांश राशि शेयरों में निवेश की जाती है। इसकी वजह से ज्यादा रिटर्न मिलने की सम्भावना रहती है। हालाकि, इसमे mutual fund की अन्य स्कीम के मुकाबले जोखिम भी थोडा अधिक होता है। आयकर नियमो के मुताबिक इसमे निवेश पर टेक्स छुट भी मिलती है। जिसकी वजह से बहुत हद तक इसपर जोखिम की भरपाई होने की सम्भावना रहती है।



कितना मिलेगा रिटर्न



ईएलएसएस में कुछ चुनिंदा योजना में 38 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है। इसमे तीन साल में औसतन 39 फीसदी, पांच साल में 21 फीसदी और 10 साल में करीब 22 फीसदी तक रिटर्न मिला है। वितीय जानकारों का कहना है कि तीन साल लॉक-इन पीरियड होने के बावजूद ईएलएसएस में पांच साल या उससे अधिक अवधि के लिए निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है। छोटी अवधि में शेयर बाज़ार में उतार-चढाव आने पर रिटर्न में भी भारी अंतर देखने मिलता है लेकिन लम्बी अवधि में सामान्यत: फायदा ही होता है। 


छोटी राशि भी कर सकते है निवेश
 

mutual fund की ज्यादातर स्क्रीम में न्यूतम 5000 रूपये निवेश करना जरूरी होता है लेकिन ईएलएसएस में आप 500 रूपये हर महीने या तय अवधि में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान(सिप) के जरिये निवेश कर सकते है। इसमे अधिकतम निवेश की सीमा नही है। हालाकि, टेक्स छूट 1.5 लाख रूपये तक ही ले सकते है। हालाकि, सिप के जरिये ईएलएसएस में निवेश करते समय एस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उससे लॉक-इन पीरियड भी बढ़ता जायेगा। यदि आप जनवरी 2015 में ईएलएसएस में पहली क़िस्त जमा करते है तो वह जनवरी 2018 में परिपक्व होगी। इसी तरह अक्टूबर 2015 में जमा करेगे तो अक्टूबर 2018 में परिपक्व होगी।




टेक्स छूट का समझदारी से उठाये फायदा 


धारा 80सी के तहत ईएलएसएस के साथ जिन निवेश माध्यमो पर टेक्स छूट मिलती है उसमे सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), जीवन बीमा पालिसी, राष्ट्रीय बचत योजना (एनएससी), कर मुक्त सावधि जमा (टेक्स फ्री एफडी) और होम लोन का मूलधन भुगतान भी शामिल है। ऐसे में ईएलएसएस में निवेश करते समय अपनी वितीय स्थिति को ध्यान में रखकर ही फैसला करे। यदि इनमे से किसी एक में 1.5 लाख रूपये टेक्स छूट ले लेगे तो अन्य पर टेक्स छूट का दावा नही कर सकते।


क्या कहते है विशेषज्ञ 


ईएलएसएस में तीन साल बाद राशि निकालना जरूरी नही है और इसका फैसला करने का अधिकार निवशको को होता है। वितीय सलाहकार का कहना है कि यदि स्क्रीम बेहतर प्रदर्शन कर रही है तो तीन साल बाद उससे राशि निकालने की बजाय आगे के लिए निवेश कर देना चाहिए। शेयरों से जुड़ा होने की वजह से विशेषज्ञ ईएलएसएस में लम्बी अवधि में निवेश की सलाह देते है। पिछले साल बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मुताबिक सेंसेक्स ने करीब 30 फीसदी रिटर्न दिया। आकड़ो के मुताबिक सेंसेक्स ने पिछले 20 साल में औसतन 15 फीसदी के करीब रिटर्न दिया है। एक्सिस असेट मैनेजमेंट के मुख्य कारोबार अधिकारी करन दत्ता का कहना है कि ईएलएसएस में केवल टेक्स बचत के लिए ही निवेश नही करना चाहिए बल्कि बेहतर प्रदशर्न रहने पर उसे ज्यादा अवधि के लिए निवेश भी फायदेमंद होता है। रेलिगेयर इन्वेसको के मुख्य निवेश अधिकारी वित्री सुब्रमण्यम का कहना है कि निवेश की आदत डालने के लिए ईएलएसएस एक बेहतरीन विकल्प है। उनका कहना है कि तीन साल बाद स्क्रीम के रिटर्न का आकलन करे और उसके बाद राशि निकालने या निवेश आगे बनाये रखने का फैसला करे।


डिविडेंट या ग्रोथ विकल्प
 

ईएलएसएस में निवेश के दो विकल्प मिलते है जिनमे ग्रोथ और डिविडेंट विकल्प शामिल है। आप जिनमे mutual fund से हर महीने या एक तय अवधि में आमदनी हासिल करना चाहते है तो डिविडेंट विकल्प बेहतर है। इसकी वजह से आपको समय समय पर डिविडेंट के जरिये कमाई होती रहती है। ईएलएसएस में डिविडेंट विकल्प चुनने से आपको समय समय पर कमाई भी होती रहती है और ईएलएसएसका लॉक-इन पीरियड भी नही बढ़ता है। हालाकि, डिविडेंट तय नही होता है और कंपनी और उसके प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वह डिविडेंट देती है या मुनाफे को कारोबार के विस्तार के लिए लगाती है।
ग्रोथ विकल्प के तहत ईएलएसएस में जो डिविडेंट मिलता उसका सीधे आपको भुगतान नही होता बल्कि दुबारा निवेश हो जाता है। इससे आपकी निवेश राशि बढती जाती है और लम्बी अवधि में यह ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। ग्रोथ विकल्प चुनने से स्क्रीम का लॉक- इन पीरियड बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में यदि तीन साल बाद राशि निकालने का लक्ष्य है तो यह आपके लिए फायदेमंद नही होगा।

बेहतर प्रदर्शन वाले शीर्ष 10 ईएलएसएस
 


स्क्रीम का नाम
03
05
10
एसबीआई मैग्नम टेक्सेन
27.62%
12.74%
22.55%
एचडीएफसी टेक्ससेवर
26.46%
15.06%
20.67%
रिलायंस टेक्ससेवर
38.82%
    -
   -
आईसीआईसीआई प्रु टेक्स प्लान
29.58%
16.61%
19.79%
बिड़ला सन लाइफ रिलिफ
29.99%
16.61%
19.79%
यूटीआई मास्टर इक्विटी प्लान यूनिट
21.88%
11.86%
15.77%
एफटी फ्रैक्लीन इंडिया टेक्सहेल्ड
27.69%
17.41%
19.86%
सुन्दरम टेक्ससेवर
23.78%
9.98%
18.18%
एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी
35.60%
  -
   -
एलएंडटी टेक्स एडवांटेज  
23.57%
14.50%
   -