Wednesday, March 22, 2017

Dyslexia के लक्षण

Dyslexia





बच्चा अन्य बच्चों की तरह, पढ़ व् समझ नही पाता। यह एक disorder हो सकता है, जिसे शिक्षित माता-पिता भी आसानी से accept नही कर पाते। आंकड़ों की माने तो हर बारह में से एक बच्चे में dyslexia के लक्षण देखने को मिलते है।

शरारती आँखे, प्यारी मुस्कराहट और चंचल स्वभाव वाला अमित दूसरे बच्चों की तरह ही सामान्य दिखता था। बुद्धिमान भी था, पर पता नही क्यों... एक दिन school teacher ने माता-पिता को उसे बाल रोग विशेषज्ञ से जांच कराने की सलाह दी। उसे school का homework करने में दिक्कतें आ रही थी शायद इसलिए। वह जब विशेषज्ञ के पास गया तो उसे कई तरह के क्षमता परीक्षणों से गुजरना पड़ा। 

मुल्यांकन के बाद अमित का IQ level 126 आया, जो सामान्य (90-110) से काफी अधिक था। school में उसके ख़राब प्रदर्शन को देखकर यह कहा नही जा सकता था कि अमित का IQ level इतना हो सकता है। वह मौखिक रूप से हर सवाल का जवाब देता था, पर लिखने-पढ़ने की बात आती तो उसे दिक्कत होती थी। 10 साल की उम्र में भी वह अक्षरों को उल्टा-पुल्टा लिख रहा था। दायें को बाएं और बाएं को दायें बताता था। doctor ने अपनी जाँच में पाया कि उसे एक तरह की सीखने की problem है, जिसे dyslexia कहतें है। 

Dyslexia association of india के एक अनुमान के मुताबिक इस समय देश में 15 से 20% बच्चे इस problem से पीड़ित हो सकते है। वही अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि 1000 बच्चों के school में 150-200 बच्चे इस problem से पीड़ित मिल जायेंगे।

क्या है Dyslexia

dyslexia वह स्थिति है, जिसमें दिमाग की बोलने-लिखने की क्षमता प्रभावित होती है। विशेषज्ञों ने इसे reading disorder का नाम दिया है। बच्चें जहां 6-7 साल की उम्र तक अक्षरों को पहचानने लगते है, वही इस problem से पीड़ित बच्चें अक्षरों के बीच ही उलझे रह जाते है। वह बी और डी, 13 और 31 6 और 9 जैसे एक से दिखने वाले या सुनाई देने वाले अक्षरों या संख्याओं में अंतर कर पाने में अक्षम होते है। वे पाठ को बहुत देर से समझते है और पढ़ा है वह याद नही रख पाते। बहुत सारे study इस ओर इशारा करते है कि यह आनुवांशिक हो सकता है। 

आप कैसे पहचानेगे

इस problem से परेशान बच्चों में निम्न लक्षण देखने को मिल सकते है...

वर्तनी में गड़बड़ करना, लम्बे वाक्यों को न समझ पाना, मेथ्स में कमजोर होना, ब्लैकबोर्ड से copy न कर पाना, सही उच्चारण न कर पाना, देर से बोलना व् शब्दों में तुक न बैठ पाना, रंग, अक्षर और संख्या जैसी मूल चीजें न समझ पाना,  ख़राब हैण्डराइटिंग, शब्दों में अक्षरों का क्रम सही न लगा पाना, विभिन्न अक्षरों और उनकी ध्वनि में अंतर न कर पाना, विदेशी भाषाओँ को सीखने में दिक्कत आना, संख्या- किसी व्यक्ति या चीज का नाम या mobile number याद न रख पाना, दिशाओं को लेकर भ्रम करना, दायें को बाएं समझना और बाएं को दायें समझना, उपर और नीचे में अंतर न कर पाना, तालमेल वाले काम न कर पाना, जैसे जूते के फीते या शर्ट का बटन न लगा पाना। 

Problem के accept करें

मां-बाप का बच्चे की इस problem को accept न करना उपचार में देरी का सबसे बड़ा कारण है। लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ से सलाह लें। कई बच्चे सिर्फ स्पेशल education से ही पूरी तरह ठीक हो जाते है। 

इनसे लें मदद

किसी पंजीकृत चिकित्सक, थेरेपिस्ट जैसे clinical या रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजिस्ट, आक्युपेशनल थेरेपिस्ट, स्पीच और language therapist, special educator की मदद ले सकते है। ये विशेषज्ञ रिहैबिलिटेशन कौंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा पंजीकृत होने चाहिए। इससे पीड़ित अन्य बच्चों के अभिभावकों के contact में रहें। 

शिक्षकों से मिलें

स्पेशल एजुकेटर्स अलग-अलग तरीकों से पढना- लिखना, हैण्डराइटिंग और पढाई से जुड़े दूसरे skills सिखाते है। ऐसे बच्चों को audio book से समझाना बेहतर होता है।

माहौल तैयार करें

उनकी क्षमताओं के हिसाब से उनकी पढ़ने में मदद करें। शांत जगह में बच्चे को पढ़ाएं। उन्हें homework पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दें। घर का माहौल शांत बनाएं। उनकी रूचि वाले क्षेत्र में आगे बढने का मौका दें, जैसे थियेटर, संगीत व् कला।

हीन-भावना न बढ़ने पाए

हो सकता है कि जाने-अनजाने उन्हें यह अहसास कराया जाता हो कि वह दूसरे से अलग है। उन्हें समझाएं कि यह कोई problem नही है। उनकी तारीफ़ करें। 

Test करने का एक तरीका यह भी

आप चाहें तो नीचे गये link पर जाकर websites पर दिए गये सवालों के जवाब का option चुन कर dyslexia के लक्षण की पहचान कर सकते है- 


थेरेपिस्ट चुनने से पहले रखें ध्यान

थेरेपिस्ट की विशेषज्ञता, प्रसिद्धि और उसके द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानें। थेरेपी सेण्टर का नजदीक होना रहता है बेहतर। 

कब बढ़ जाती है दिक्कत

जिन बच्चों में dyslexia की पहचान नही हो पाती या problem को दूर करने के उपाय नही किये जाते, उनकी problem बढ़ती चली जाती है। बच्चें पढना-लिखना सीख नही पाते और हीन-भावना के शिकार हो जाते है। नतीजन वे school में fail होने लगते है और दूसरों बच्चों की अपेक्षा खुद को असमर्थ महसूस करते है और धीरे-धीरे tension के शिकार हो जाते है। अभिवावक उन्हें सजा देने लगते है। बच्चें के मन में यह बैठ जाता है कि वह बेवकूफ है या बुरा है। धीरे-धीरे उनका self-confidence घटने लगता है। dyslexia बच्चों में व्यवहारिक और भावनात्मक problem से ग्रस्त होने की आशंका काफी ज्यादा होती है।

अमेरिका स्थित द येल सेण्टर फॉर dyslexia and creativity के अनुसार-

1-  जरूरी नही कि जो बच्चे शब्दों या अक्षरों को उल्टा लिखते है, वे dyslexia से ग्रस्त हों। सामान्य बच्चें भी शुरुआत में ऐसा करते है। 

2-  ऐसे बच्चे या व्यस्क धीरे-धीरे पढना सीख जाते है। पर कई बार पढ़ने में काफी मशक्कत होती है।

3-  ऐसा केवल लड़को में नही होता। यह problem लड़का और लड़की दोनों में पाई जा सकती है। 

इन हस्तियों को भी था Dyslexia

ऐल्केजेंडर ग्राहम बेल, पेरी क्युरी, एल्बर्ट आइंस्टीन, अभिषेक बच्चन, थामस अल्वा एडिसन, लियोनार्डो डा विन्सी, पैब्लो पिकासो, मोहम्मद अली, स्टीवन स्पीलबर्ग, लुइस कैरल, टॉम क्रूज, स्टीव जॉब्स जैसे success नामों की लम्बी सूची है, जिन्होंने इस problem को अपनी सफलता में आड़े नही आने दिया 

होते है कई गुण भी

1-  पजल सुलझाने में अव्वल होते है 

2-  उनकी कल्पना शक्ति मजबूत होती है। 

3-  मौखिक test में करते है अच्छा प्रदर्शन। 

4-  कला से जुड़े क्षेत्र जैसे design, drama, संगीत में सफलता पाते है। 

5-  बातों का सार तुरंत समझ लेते है। 

6-  पढाई से जुड़े क्षेत्रो को छोड़कर अन्य क्षेत्रो में अच्छे होते है, जैसे कि computer, खेल-कूद, रचनात्मक आदि। 

7-  असाधारण रूप से दूसरों के लिए सहानभूति और प्रेम का परिचय देते है। 


   

   





  

Tuesday, March 21, 2017

Current GK April 2017 Part-2


11 March

1-  अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान को अंतर्राष्ट्रीय match के 2 over में 5 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गये

2-  सरकार ने बी.पी. कानूनगो को भारतीय रिज़र्व बैंक का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है।

3-  देश की दूसरी सबसे बड़ी IT company infosys 11 मार्च 1999 को न्यूयार्क स्थित stock exchange ‘नैस्डैक’ में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय company बनी थी।

4-  यूरोपीय संघ के नेताओं ने पोलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क को दोबारा यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष चुना है।

5-  श्रीलंका के रंगना हेराथ को बांग्लादेश के खिलाफ test match में 363 वां विकेट लेकर test के सबसे कामयाब लेग स्पिनर बन गये।  

12 March

1-  जी सिने awards 2017 में अभिताभ बच्चन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पिंक), आलिया भट्ट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (उड़ता पंजाब)और पिंक को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का award मिला है

2-  आज ही के दिन वर्ष 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने आस्ट्रेलिया के record 434 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।

3-  अफगानिस्तान के मोहम्मद शहजाद कुल 1779 रन बनाकर भारतीय कप्तान विराट कोहली (1709 रन) को पछाड़कर t-20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले चौथे number के बल्लेबाज बन गये है। 

13 March

1-  जापानी स्ट्राइकर काजुयोशी मियुरा, 50 वर्ष और 14 दिन की उम्र में गोल करके पेशेवर फुटबाल के सबसे उम्रदराज गोलस्कोरर बन गये है

2-  उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार कुल 38 महिलाओं ने जीत दर्ज की है जो आजादी के बाद महिला विधायकों की सबसे बड़ी संख्या है।

14 March

1-  मनोहर पर्रिकर ने Goa के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली

2-  आज के दिन 14 मार्च, 2001 को पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (281) और राहुल द्रविड़ (180) ने कोलकाता test में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 376 रन की साझेदारी बनाई थी

3-  चीनी युवक ली लॉन्ग लॉन्ग ने सिर के बल सर्वाधिक 36 सीढियां चढ़ने का world record बनाया है।

4-  नॉर्वे की ‘स्टोरहार्मर ड्रैगन्स’ और ‘स्पार्टा वॉरियर्स’ ने सबसे लम्बे आइस हॉकी गेम का विश्व record बनाया है।

15 March

1-  दुनिया का पहला internet domain ‘Symbolics.com’ 15 मार्च 1985 यानी 32 वर्ष पहले आज के दिन ही register हुआ था और अब भी मौजूद है

2-  एन. बीरेन सिंह द्वारा मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ राज्य में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बन गई।

3-  शशांक मनोहर ने अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के chairmen पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।

4-  कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरा test match खेलते हुए बांग्लादेश ने सबसे कम समय में 100 test match खेलने का record अपने नाम कर लिया है।  

16 March

1-  पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली

2-  रांची में भारत के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी का तीसरा टेस्ट खेलने उतरी आस्ट्रेलियाई team 800 test match खेलने वाली दूसरी team बन गई। इससे पहले एकमात्र team इंग्लैंड थी।

3-  दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स 16 मार्च, 2007 को विश्व कप के दौरान नीदरलैंड के डान वान बंज के एक over में 6 छक्के मारकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे।

4-  यूके की महारानी एलिजाबेथ द्धितीय ने ब्रेग्जिट विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी।

17 March

1-  ग्रेटर नोएडा में अफगानिस्तान और आयरलैण्ड के बीच वनडे मैच में पहली बार दो गेंदबाजों ने 6-6 विकेट लेकर इतिहास रच दिया

18 March

1-  अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के पिता कृष्णराज राय का निधन हो गया

2-  पंजाब विधानसभा चुनाव में मलेरकोटला सीट से जीती कांग्रेस की रजिया सुल्तान राज्य की पहली मुस्लिम मंत्री है।

3-  तत्कालीन सोवियत (अब रूस) के अंतरिक्षयात्री एलेक्सी लिनोव ने 18 मार्च 1965 को पहली बार स्पेसवाक किया था।

4-  त्रिवेंद्र सिंह ने उत्तराखंड के नये मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली।

5-  national racing champion आश्विन सुंदर और उनकी पत्नी निवेदिता की रात 3:30 बजे चेन्नई में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई

19 March

1-  गोरखपुर से 5 बार BJP सांसद योगी आदित्यनाथ ने Lucknow के स्मृति उपवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

2-  आस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची टेस्ट के चौथे दिन रविवार को चेतेश्वर पुजारा test की एक पारी में 500 से अधिक गेंदे खेलने वाले पहले भारतीय बन गये है।

3-  आस्ट्रेलिया team के स्पिनर स्टीव ओं कीफ 77 over डालकर भारत में एक पारी में सर्वाधिक over करने वाले पहले आस्ट्रेलियाई गेंदबाज बन गये।

4-  पाकिस्तान ब्लाइंड क्रिकेट पारिषद (PBCC) ने पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी को वर्ष 2018 में होने वाले 5वें ब्लाइंड विश्व कप का brand एम्बेसडर बनाया है।

20 March

1-  फ़ोर्ब्स 2017 के अरबपतियों की सूची में microsoft के सह-संस्थापक बिल गेट्स करीब 5,620 अरब की सम्पत्ति के साथ पिछले 23 सालों में 18वीं बार पहले पायदान पर है

2-  20 मार्च, 1966 को लंदन वेस्टमिन्स्टर के central hall में प्रदर्शनी के लिए रखी गई football world cup की ट्राफी चोरी हो गयी थी।

3-  क्यूइस्ट विद्या पिल्लई ने सिंगापुर में हुई महिला विश्व स्कूनर championship में भारत को रजत पदक दिलाया है।


4-  भारत के national रिकॉर्डधारी के.टी.इरफान ने जापान में आयोजित एशियन रेस वाकिंग की 20 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। 



   
   

Saturday, March 18, 2017

Nation Pension System (NPS) के फायदें

national pension system NPS
NPS: कम उम्र में निवेश फायदेमंद

National Pension System (NPS) ने पिछले पांच साल से अधिक return दिया है। इसमे निवेश पर दो लाख रूपये तक tax छूट भी मिलती है। इसमे छोटी पूंजी से भी निवेश की शुरुआत कर सकते है। महज दो हजार रूपये प्रतिमाह 25 की उम्र में निवेश शुरू करने पर आप सेवानिवृति तक करोड़पति बन सकते है। साथ ही 50 हजार रूपये से अधिक हर माह pension भी हासिल कर सकते है। इसमें जितनी कम उम्र में निवेश शुरू करेंगे बाद में उसका फायदा कई गुना बढ़ जाता है।

क्या है NPS

इसमें सेवानिवृति के लिए निवेश किया जाता है। 18 से 60 साल के बीच का कोई भी व्यक्ति इसकी सुविधा का फायदा उठा सकता है। 60 की उम्र होने पर 60% राशि एकमुश्त निकाल सकते है और न्यूनतम 40% ऐन्यूटी स्क्रीम में निवेश होती है जिसके आधार पर आपको pension मिलता है। एन्यूटी राशि में आप 100% भी निवेश कर सकते है। NPS का fund share बाज़ार, corporate bond तथा सरकारी प्रतिभूतियों में लगता है। इसके लिए भी आप विकल्प दे सकते है। लेकिन share में 50% से ज्यादा राशि का विकल्प नही दे सकते है। हालाकिं NPS अपने fund का 15% से अधिक share market में नही लगा सकता है।

कितना मिलेगा Return

NPS ने पिछले पांच साल में 12.79% का औसत return दिया है। जबकि कुछ चुनिंदा company के NPS में इस अवधि में 13.69% तक का return दिया है। एक साल में NPS ने 11% से अधिक का औसत return दिया है। जबकि कुछ चुनिंदा स्क्रीम में 19.93% तक return मिला है।

2,000 का निवेश करोड़पति बनाएगा

NPS में 25 साल की उम्र से दो हजार रूपये प्रतिमाह निवेश करते है तो 12% सालाना अनुमानित return पर 60 साल की उम्र में करीब 1.30 करोड़ रूपये की पूंजी जमा हो जाएगी। आप 35 साल में महज 8.40 लाख रूपये जमा करते है। लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से आपको एक करोड़ 21 लाख 60 हजार रूपये अधिक मिलते है। इसके बाद 1.30 करोड़ रूपये का न्यूनतम 40% एन्यूटी में निवेश करते है तो हर माह करीब 19 हजार रूपये pension मिलेगी। जबकि 60% एकमुश्त भुगतान के तहत आपको करीब 42 लाख रूपये मिलेंगें।

इसी तरह 60% एन्यूटी में लगाते है तो हर माह करीब 28 हजार रूपये pension मिलेगी और 40% एकमुश्त भुगतान के रूप में करीब 28 लाख रूपये मिलेंगे। यदि 80% राशि एन्यूटी में लगाते में लगाते है तो करीब 38 हजार रूपये हर माह pension मिलेगी और 20% एकमुश्त भुगतान के रूप में करीब 14 लाख रूपये मिलेंगे। इसी तरह यदि 35 की उम्र में निवेश शुरू करने पर अंतिम पूंजी महज एक तिहाई से भी कम 38 लाख रूपये के करीब रह जाती है। इस तरह पांच साल देर से निवेश की शुरुआत करने पर आप जहा 50 लाख रूपये कम पूंजी जमा कर पाते है, वही 10 साल देर करने पर करीब 92 लाख रुपये का नुकसान होता है।

Tax का लाभ

आयकर की धारा 80c के तहत NPS में निवेश पर 1.50 लाख रूपये सालाना tax छूट हासिल कर सकते है। जबकि धारा 80सीसीडी के तहत 50 हजार रुपये का अतिरिक्त tax छूट मिलती है। हालाँकि, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि 60 वर्ष पूरा होने पर जो 60% राशि निकाली जाती है, उसके 40% पर tax लगता है।

आंशिक निकासी की सुविधा

जिन लोगो ने लगातार 10 साल तक NPS में निवेश किया है वह शिक्षा, शादी-ब्याह, घर के निर्माण और इलाज के लिए 25% राशि निकाल सकते है। दूसरी निकासी पांच साल बाद करने की अनुमति है।

निवेशकों की संख्या 18 गुनी बढ़ी

pension fund नियामक PFRDA के ताजा आंकड़ो के मुताबिक, NPS के निवेशकों की संख्या मार्च 2010 के 7.76 लाख से बढ़कर दिसम्बर 2016 तक एक करोड़ 42 लाख हो गई। इस तरह महज साढ़े सात साल में इसमें 18 गुना का इजाफा हुआ है। इस अवधि में NPS के आकार में भी 34 गुना बढ़ोत्तरी हुई।

Return

1-  1 हजार रूपये सालाना न्यूनतम निवेश की सुविधा NPS में

2-  दो लाख रूपये तक सालाना tax छूट NPS में निवेश पर

3-  12% से अधिक return NPS में पिछले पांच साल में मिला

4-  40% राशि एन्यूटी में जमा कर 60% निकालने की सुविधा