Monday, September 5, 2016

Motivational Quotes For Teacher Day 2016

teacher day

1-  आपकी आखिरी गलती आपकी सबसे अच्छी 

शिक्षक है।

 राल्फ नाडर

2-  माता-पिता जीवन देते हैं, लेकिन जीने की कला 

तो शिक्षक ही सिखाते हैं।

 अरस्तु

3-  एक शिक्षक वो है को अपने आप को उत्तरोत्तर अनावश्यक बना दे।

 थॉमस कार्रुठेर्स

4-  किसी महान देश को महान बनाने के लिए माता पिता एवम शिक्षक ही ज़िम्मेदार होते हैं।


5-  दस लाख लोगों में सिर्फ एक व्यक्ति बिना गुरु की मदद के प्रबुद्ध हो पाता है।

     बोधीधर्म

6-  एक शिक्षक जो शिक्षण से प्यार करता है वो अपने छात्रों को ज्ञान से प्यार करना सिखाता है।


7-  पढ़ाने का उद्देश्य बच्चे को बिना अपने गुरु के आगे बढ़ने के काबिल बनाना है।

     ऐल्बर्ट हबार्ड

8-  एक अच्छे शिक्षक को नियम पता होने चाहिए; एक अच्छे छात्र को अपवाद।

 मार्टिन एच. फिशर

9-  अनुभव एक कठोर शिक्षक है क्योंकि वो परीक्षा पहले लेता है और पाठ बाद में सीखता है।

 वेर्नोन ला

10-शिक्षक बनना सबसे बड़ा उत्तरदायित्व हैं | शिक्षा ही मनुष्य को देश भक्त या आतंकवादी बना सकती हैं।

11-एक शिक्षक वो दिशासूचक है जो जिज्ञासा, ज्ञान और बुद्धिमानी के चुम्बक को सक्रिय बनाता है।

एवर गैरिसन

12-किसी शिष्य को उसके वास्तविक गुणों एवम अवगुणों से उसका परिचय करवाना ही एक सच्चे

    शिक्षक का परिचय हैं।


13-एक सच्चा शिक्षक अपने विद्यार्थियों को उनके अपने ही विरुद्ध व्यक्तिगत प्रभावों से बचाता है।

   अमोस ब्रोंसों अल्कोत्त

14-शिक्षा जीवन में सफलता की कूंजी है और शिक्षक अपने विद्यार्थियों के जीवन पर स्थायी

  प्रभाव डालते हैं।

सोलोमन ओर्तीज

15-अपने छात्रों में सृजनात्मक भाव और ज्ञान का आनंद जगाना ही एक शिक्षक का सबसे 

   महत्वपूर्ण गुण है।

अल्बर्ट आइंस्टीन

16-हर किसी की सफलता की नींव में एक शिक्षक की भूमिका अवश्य होती हैं | बिना प्रेरणा के 

   किसी भी ऊँचाई तक पहुंचना असम्भव हैं।


17-एक अच्छा शिक्षक एक उम्मीद जगा सकता है, हमारी कल्पना को सुलगा सकता है और हमारे

  मन में ज्ञान के प्रति प्रेम बिठा सकता है।

     ब्रेड हेनरी

18-हम में से अधिकांश लोगों को सिर्फ पांच से छ: व्यक्ति तक ही याद रख पाते हैं लेकिन एक

  शिक्षक को हजारों व्यक्ति जीवन पर्यंत याद रखते हैं।

 एंडी रूनी

19-एक शिक्षक कभी भी सच्चाई का दाता नहीं होता; वो हर विद्यार्थी के लिए एक मार्गदर्शक, एक

   दिशानिर्देशक का काम करता है जिससे कि वो अपने सच को ढून्ढ सकें।

     ब्रूस ली

20-एक अच्छा शिक्षक आशा को प्रेरित कर सकता है , कल्पना को प्रज्वलित कर सकता है, और 

   सीखने के प्रति प्रेम पैदा कर सकता है।

ब्रैड हेनरी

21-एक औसत दर्जे का शिक्षक बताता है. एक अच्छा शिक्षक समझाता है. एक बेहतर शिक्षक कर

   के दिखाता है.एक महान शिक्षक प्रेरित करता है।

विलियम आर्थर वार्ड

22-किताबें मित्रों में सबसे शांत और स्थायी मित्र होती हैं; सलाहकारों में सबसे सुलभ और बुद्धिमान

   सलाहकार होती हैं, और शिक्षकों में सबसे धैर्यवान शिक्षक होती हैं।

 चार्ल्स विलीयम एलियोट

23-एक अच्छे शिक्षक की परीक्षा यह नहीं है कि वो अपने छात्रों से कितने प्रश्न पूछ सकता है 

  जिसके कि आसानी से उत्तर दे सकें.बल्कि इसमें है कि वो अपने छात्रों को कितने प्रश्न पूछने

   के लिए प्रेरित करता है जिसका उत्तर देना उसके लिए मुश्किल हो।

 ऐलिस वेलिंगटन रोल्लिंस

24-एक अच्छा शिक्षक आपको आपके प्रश्नों के उत्तर नहीं देता बल्कि वो सिर्फ आपको रास्ता 

  दिखाता है और आपको आपका चुनाव खुद करने देता है ताकि आप वो सब खुशियाँ प्राप्त कर

  सकें,जिनके आप योग्य हैं

25-किसी शिक्षक का सच्चा मुल्यांकन इस चीज से नहीं किया जा सकता कि वो क्या जानता है 
  और न ही इस बात से किया जा सकता है कि वो अपने ज्ञान को दूसरों तक कैसे पहुचता       हैबल्कि इस बात से किया जाता है कि वो दूसरों को ज्ञान पाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता   है या नहीं

26-एक शिक्षक जो शिक्षण से प्यार करता है वो अपने छात्रों को ज्ञान से प्यार करना सिखाता है

27-अपने छात्रों में सृजनात्मक भाव और ज्ञान का आनंद जगाना ही एक शिक्षक का            सबसे महत्वपूर्ण गुण है
  अल्बर्ट आइंस्टीन

28-एक शिक्षक वो दिशासूचक है जो जिज्ञासाज्ञान और बुद्धिमानी के चुम्बक को सक्रिय बनाता    है
एवर गैरिसन

29-अगर आप सीखना नहीं चाहते तो कोई भी आपकी सहयता नहीं कर सकता.अगर आप सीखने के

   लिए दृढ संकल्प हैं तो कोई भी आपको रोक नहीं सकता

30- मैंने बातूनी से मौन सीखाअसहिष्णु से सहनशीलता सीखी और निर्दयी से दया सीखी लेकिन

   फिर भी विचित्र है कि मैं इन शिक्षकों के प्रति कृतघ्न हूँ













Saturday, September 3, 2016

बातें जो रखती हैं Digestion(हाजमे) को ठीक

1-  रोजाना दो से तीन तरह के fruits खाएं। केला और पपीता जैसे fruits सुबह खाली पेट खाना अच्छा रहता है। इन दोनों में fiber और sodium प्रचुर मात्रा में होते है, body को energy देते है। fruits भोजन से पहले खाएं।

2-  हर दिन समय पर नाश्ता, दोपहर का भोजन व् रात को खाना लें।

3-  भोजन को चबा कर खाएं। एक टुकड़े को कम से कम 15 से 20 बार चबाना चाहिए। जल्दबाजी में भोजन करने से अपच होता है।

4-  fiber से भरपूर आहार जैसे साबुत अनाज,vegetables,फलियाँ और fruits पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते है। fiber के कुछ बेहतरीन स्रोत गेहूं की भूसी, दलिया, पालक, ब्रोकली जई, नट,बीज और फलियाँ भी है।

5-  vitamin-c युक्त चीजें जैसे ब्रोकली, टमाटर, किवी, स्ट्राबेरी आदि खाएं। vitamin-c high uric acid को कम करने में सहायक होता है और uric acid को पेशाब के रास्ते निकलने में भी मदद करता है।

6-  कम बसा वाले दही के रूप में probiotics का चुनाव करें। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

7-  भोजन बनाने में जैतून का तेल का इस्तेमाल करें। इसमें vitamin-e भरपूर मात्रा में होता है और पेट के कई रोगों से छूटकारा मिलती है।

8-  पानी खूब पियें। इससे uric acid पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाता है। गुनगुना पानी पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है।

9-  पेट की कई problem का कारण अधिक tension का होना है। tension को दूर करने के लिए नियमित yoga और ध्यान करें।

10-smoking, अधिक कैफीनयुक्त चीजें और शराब का सेवन पाचन तंत्र के काम में बाधा उत्पन्न करते है। पेट में गड़बड़ी रहने लगती है। यह आदतें पेट में ulcers और सीने में जलन रहने का मुख्य कारण है।

आयुर्वेद में भी है अच्छा इलाज

आयुर्वेद में पाचन तंत्र को अग्नि कहा जाता है। body से विषैले तत्वों की सफाई के लिए खाने में अदरक,हल्दी, लहसून और मिर्च का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाता है। आयुर्वेद में तीन दिनों में पाचन क्रिया को फिर से ठीक करने की प्रक्रिया भी मौजूद है। इसके साथ ही...

1-  अगर आप 24 घंटे के अंदर ही पाचन को सुधारना चाहते है तो कच्चा पपीता खाएं। इसमें vitamin-c प्रचुरता में होता है।

2-  भोजन पचाने में परेशानी हो रही हो तो गर्म पानी पियें।

3- - नाशपाती पेट के लिए अच्छा fruits है, जिसे आप सप्ताह में एक बार खा सकते है। केला आंतो के लिए फायदेमंद रहता है।

4-  हरड पेट की acidity व् सीने की जलन को ठीक रखती है। नींबू और शहद में अदरक का रस मिलाकर पीना भी राहत देता है।

5-  अश्वगंधा पेट के लिए काफी फायदेमंद होती है।

6-  चंदन लेप व् मिटटी चिकित्सा भी पेट के रोगों में लाभ करती है।















Thursday, September 1, 2016

क्यों रहता है Digestion(हाजमा) सुस्त

Digestion Sluggish

हम क्या खाते है? कितना खाते है? कैसे खाते है? खुश होकर खाते है या tension व् हड़बड़ी में ? इनके जवाब तय करते है कि हमारा हाजमा(digestion) कैसा होगा। आधुनिक lifestyle व् खान-पान की गलत आदतों के कारण 85% लोग पाचन सम्बन्धी परेशानियां से जूझ रहे होते है। digestion से जुड़ी कुछ problem और उनके उपचार के बारे में जानकारी-

रोजमर्रा में हम अक्सर किसी न किसी पेट सम्बन्धी परेशानी से जूझ रहे होते है। आप तब तक fit नही हो सकते, जब तक आपकी पाचन शक्ति ठीक नही होती। भले ही आप कितने ही पौष्टिक आहार का सेवन कर लें, अगर पाचन तंत्र ठीक नही रहेगा तो इसका फायदा body को नही मिलेगा। इसलिए लोग अक्सर यह complain करते हुए पाए जाते है कि खाते तो है, पर body को लगता नही या कुछ खाते नही, फिर भी मोटे हो रहे है।

क्यों बिगड़ता है पाचन तंत्र

पाचन तंत्र body का important अंग है। यह भोजन को पचाता है और फिर पौष्टिक तत्वों और रसायनों को body के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता है। हर समय की हड़बड़ी, समय-असमय खाना मात्रा पर ध्यान न देना और रोजमर्रा का tension, ये सब हमारे पाचन तंत्र पर दबाव डालते है।

हमारी भोजन नली, खाने को लाने ले जाने के लिए बना महज एक खोखला पाइप नही है। इसके कई हिस्से होते है, जहा कई तरह की गैस्टिक प्रक्रियाएं होती रहती है। कई तरह की कोशिकाएं बनती है, कई रसायन, enzyme व् hormones बनते है, जिनसे पाचन तंत्र के अन्य भाग जुड़ते है। एक तरह से हमारा पाचन तंत्र एक जटिल तंत्र है, जिसमे कई बार छोटी-छोटी गड़बड़ी भी स्थिति को serious बना देती है। ज्यादा खाना, ढंग से न चबाना, पौष्टिक भोजन न करना या फिर व्यायाम की कमी आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते है।

हाजमे से जुड़ी कुछ परेशानियां

डायरिया: डायरिया होने के कई कारणों में प्रमुख है virus और Bactria से होने वाला infection. अत्यधिक शराब पीना, दूषित भोजन व् पानी या फिर tension की अधिकता डायरिया के कारण हो सकते है। body में तेजी से पानी की कमी होना डायरिया की स्थिति कही जाती है।

क्या करे: अगर लगातार पतले दस्त आते रहें तो doctor के पास जाना ही उचित रहेगा। दो से तीन तक डायरिया रहता है तो इससे dehydration हो जाता है और स्थिति serious हो जाती है। एंटीडायरल medicine ले। सामान्य दस्त होने पर पानी व् रसदार चींजे अधिक लें।

पेट फूलना: खानपान और अनियमित lifestyle के कारण पेट में swelling हो सकती है। इसका कारण कब्ज,gas, food allergy, अधिक शराब पीना, पेट की कोशिकाओं के विरुद्ध प्रतिरक्षा तंत्र द्वारा antibody छोड़ने से हुआ infection आदि कुछ भी हो सकता है।

क्या करें: अधिक तला-भुना, fast food, डिब्बाबंद आहार खाने से बचें। cold drinks या अन्य तरल पदार्थ भी पेट में swelling का कारण हो सकते है। doctor से contact करे। fruits व् vegetables का सेवन अधिक करें।

Peptic Ulcers: peptic ulcers पेट में या आंत की परतों में हुए घाव या छालों को कहते है। पेट में जलन और दर्द होना इसका आम लक्षण है। अधिकतर मामलों में पेट में छाले होने का कारण सुजन रोधी medicine, आनुवांशिकता, धुम्रपान व् शराब का सेवन देखने को मिलते है।

क्या करें: tension और अधिक मसालेदार भोजन peptic ulcers की स्थिति को और serious बना सकते है। खानपान में सुधार करके इस पर काबू पाया जा सकता है। रेशायुक्त fruit व् vegetables, लीन मीट, poultry products,fish,banana, साबुत अनाज खाएं और milk व् dairy products, उच्च बसायुक्त मांस, चाय और coffee, शराब व् मसाले मुख्यतः मिर्च से परहेज करें। tension को control करें।

पेट में ऐंठन : पेट में ऐंठन या मरोड़ उठने के काफी साधारण कारण हो सकते है। जैसे periods(माहवारी), virus और food poisoning, ख़राब खाना, शौचालय से लौटने के बाद साबुन से हाथ न धोना, पूरी तरह से पकाए बिना non veg खाना आदि।

क्या करें: साफ़-सफाई का ध्यान रख कर आप पेट में उठने वाली मरोड़ या ऐठन को काफी हद तक रोक सकते है। पेट में मरोड़ उठने के साथ आपको दस्त भी शुरू हो रहे हों और साथ में बुखार भी तो तुरंत doctor से मिले। लापरवाही से स्थिति serious हो सकती है, इसलिए इसे हल्के ना लें।

कब्ज: कब्ज एक आम problem है, जो भोजन की अनियमितता या कभी-कभी खाने की गलत आदतों के कारण होती है। कब्ज उस स्थिति को कहा जायेगा, जब सामान्य से कम बार शौच के लिए जाते है। तीन दिन में एक बार से कम शौच के लिए जाना भी कब्ज की स्थिति माना जाता है। 

क्या करें: green vegetables और fruits जैसे पपीता, अंगूर, अमरुद, टमाटर, चुकन्दर, अंजीर, पालक का रस या कच्चा पालक, किशमिश को पानी में भिगो कर खाने, रात को मुनक्का खाने से कब्ज दूर करने में help मिलती है। esabgul की भूसी को रात को सोने से पहले गर्म दूध में मिलाकर या फिर पानी में घोल कर भी ले सकते है।

Acid Reflux: एक पुराना रोग है, जो पेट में acid या पित्त के भोजन नली में पहुंचने के कारण होता है और उसकी दीवारों में जलन पैदा करता है। सीने में जलन इस रोग का संकेत हो सकता है। इसके लक्षणों में छाती में जलन के साथ होने वाला दर्द भी शामिल है, जो अक्सर भोजन के बाद होता है व् लेटने पर बढ़ जाता है।

क्या करें: lifestyle में परिवर्तन और बिना नुस्खे वाली medicine से राहत आमतौर पर अस्थायी होती है। कई बार आराम पाने के लिए doctor से उपचार और प्रभावशाली medicine लेनी जरूरी होती है। भोजन चबा-चबा कर खाएं, ताकि वह अच्छी तरह से लार में मिल जाएँ।

पेट में हवा Collect होना: gas निकलने के कई कारण हो सकते है। प्रमुख कारण है भोजन का सही तरीके से न पचना। इसके अलावा कम पौष्टिक खाना खाना और कुछ भी खा लेने की आदत भी पेट में gas बनाती है।

क्या करे: बार-बार होने वाली gas की problem से निबटने के लिए रहन-सहन में बदलाव करना जरूरी है। नियमित रूप से शौच के लिए जाना और स्वस्थ आहार आदतें gas से बचाते है।

कुछ बातें:

1-  350ml से एक liter तक लार रोजाना body में बनती है। भोजन पचाने में इसकी खास भूमिका होती है।

2-  400 के करीब bacteria की प्रजातियाँ मनुष्य के पेट में पायी जाती है।

3-  90% सेरोटोनिन और 50% डोपामाइन hormones का निर्माण आंतो में होता है।

4-  1.5 liter आहार एक व्यस्क के पेट में स्टोर हो सकता है।


                                   Skin की सेहत पर होने वाले Problem








Monday, August 29, 2016

Equity SIP के जरिये Share में निवेश पर मोटा Return

equity sip

share में निवेश को महंगा option समझा जाता है। इसकी वजह से आम निवेशक इससे दूर रहते है। जबकि equity systemic investment plan (equity sip) के जरिये share में निवेश का सस्ता माध्यम मौजूद है। share में एकमुश्त निवेश की तुलना में इसमें जोखिम कम है। इसमे 20 साल में 20% से भी अधिक का औसत return मिला है।

क्या है Equity SIP

SIP और equity sip mutual fund की scream है। साधारण तौर पर systematic investment plan(SIP) में निवेशक उन mutual fund के scream या fund में निवेश करते है जो share में पैसा लगाते है। इसमें एक अनुपात तय होता है कि कितनी राशि share में और कितनी अन्य माध्यमों में लगानी है। इसके विपरीत equity sip में निवेशक की राशि से स्वयं उसके द्वारा चुने हुए share खरीदे जाते है। इसके लिए राशि और समय पहले से तय होते है। equity sip में साधारण sip की तुलना में जोखिम ज्यादा होता है, पर इसमे return भी जबरदस्त है।

कितना मिलेगा Return

पिछले 10 साल में equity sip में 15% और 20 साल में 20% से भी ज्यादा return मिला है, जो share market के औसत return से भी अधिक है। आज महज एक हजार रूपये equity sip हर माह निवेश कर 20 साल में 20% के अनुमानित return पर करीब 24 लाख रूपये की पूंजी खड़ी कर सकते है। इसमे आपका मूल निवेश महज 2.40 लाख रूपये होगा और शेष मुनाफा होगा। साधारण sip के साथ ही equity sip भी लम्बी अवधि का निवेश है और धैर्य बनाये रखने पर इसमे मोटा return हासिल कर सकते है।

SIP निवेश पर जोखिम घटाता है

share में आप एकमुश्त 12 हजार रूपये लगाते है और एक महीने बाद market में 10% गिरावट आती है तो आपका निवेश घटकर 10,800 रूपये रह जाता है। दो माह बाद यदि 10% की तेजी आती है तो आपका निवेश बढ़कर 11,800 रूपये हो जायेगा। लेकिन इसके बावजूद मूल निवेश से 120 रूपये कम होगा जो सीधे तौर पर नुकसान है। वही sip में आप पहले महीने एक हजार लगाते है तो आपका निवेश घटकर 900 रूपये हो जायेगा। उसके अगले माह एक हजार रूपये निवेश पर आपका कुल निवेश बढ़कर 1090 रूपये हो जायेगा। अब दो माह बाद market में 10% तेजी आती है तो आपका निवेश बढ़कर 2090 रूपये हो जायेगा। इस तरह दो माह में ही आपको 90 रूपये यानी 4.50% का फायदा होगा। जबकि share में एकमुश्त निवेश पर नुकसान उठाना होगा। इस तरह sip के जरिये share में निवेश से जोखिम भी घटता है और मोटा return होने की सम्भावना ज्यादा रहती है।

सस्ता और आसान निवेश

आप sip में 500 रूपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते है। हालाकिं, equity sip में ज्यादातर company एक हजार रूपये से निवेश का option देती है। इसके बावजूद यह छोटी राशि है। छोटी राशि होने से मुश्किल वितीय स्थिति में भी इसमे निवेश जारी रखना आसान है। sip को छोड़कर mutual fund के अन्य scream में सामान्यत 5,000 रूपये न्यूनतम निवेश का option होता है। कुछ मौकों पर वितीय मुश्किल आने या job छूट जाने की स्थिति में तय समय पर इतनी राशि का इंतजाम भी मुश्किल होता है। जबकि sip या equity sip के लिए एक हजार रूपये का इंतजाम मुश्किल नही होता है।

राशि बढ़ाने का सुविधा

equity sip में आप न्यूनतम राशि के बाद निवेश राशि का खुद चुनाव कर सकते है और इसके लिए कई option है। आप अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार राशि का चुनाव कर सकते है। साथ ही आमदनी बढने पर equity sip में निवेश राशि में वृद्दि भी करवा सकते है। ज्यादातर company इसके option देती है। इसी तरह equity sip में आप सुविधा के मुताबिक प्रति दिन, हर हफ्ते, महीने या तीन महीने के अन्तराल पर निवेश का option भी चुन सकते है।

कैसे करें फैसला

साधारण sip के विपरीत equity sip में share के चुनाव की जिम्मेदारी आपकी होती है। ऐसे में इसमे सावधानी जरूरी है। equity sip में बड़ी company (large cap),मझोली company (mid cap) और multi cap जिसमे large और mid cap के साथ छोटी company (small cap) भी शामिल होती है उन सभी में से चुनाव का विकल्प होता है। blue-chip share भी होते है जिसमे सामान्यत large cap share होते है। इनका प्रदर्शन अन्य के मुकाबले ज्यादा बेहतर होता है और जोखिम भी कम होता है। small cap में उतार-चढ़ाव होता है ऐसे में उसमे निवेश कम रखना ही फायदेमंद है।

निवेश का मौका हमेशा

share market में जब तेजी आती है तो उसे share बेचकर मुनाफा कमाने के अवसर के रूप में देखा जाता है। वही गिरावट की स्थिति में share को सस्ते में खरीददारी का मौका माना जाता है। इस तरह की स्थिति share में एकमुश्त निवेश करने वालों के लिए सही हो सकती है। लेकिन sip के जरिये share में निवेश शुरू करने का अवसर हमेशा मौजूद होता है। और इसकी एक बड़ी वजह औसत का गणित है। उपर के उदाहरण में हम देख चुके है कि equity sip में निवेश पर पहले माह 10% नुकसान होने और दुसरे माह में 10% फायदा होने के बाद अंतत: 4.50 का return मिलता है। यही औसत का गणित है। यह इसलिए होता है कि आप जितनी राशि पहले माह share में लगाते है तो profit या loss उतनी ही राशि पर होता है।

फायदों को समझें

20 साल में 20% से भी अधिक का मिला है return
10 साल में 15% के करीब के return मिला
500 से एक हजार रूपये में निवेश शुरू करने की सुविधा