Monday, December 7, 2015

Life में घोले रिश्तो की मिठास


बाहर वालो के साथ खूब हंसते बोलते है, पर अपने चंद खास relation को संभालने में कंजूस हो जाते है। दो-चार रिश्ते भी ऐसे नही, जो पूरी तरह अपने लगते हो। यही शिकायत कि लोग हमे प्यार नही करते। दूसरो से प्यार पाना मजबूती देता है, तो दूसरो को प्यार कर पाना साहस। motivation गुरु लोरी दशेन से जानते है बेहतर रिश्तो के कुछ मन्त्र

खुद से बनाये बेहतर रिश्ता

1-  सबमे कुछ अच्छी और बुरी बाते होती है। आपमें भी जरुर होगी। अपनी अच्छी बाते note करे। आप पायेगे कि आपके गुणों का पलड़ा दोषों से भारी है।

2-  खुद को माफ़ करना सीखे। यह काम आपके लिए कोई और नही कर सकता। दुसरे की माफ़ी तब तक सुकून नही दे सकती, जब तक आप खुद को माफ़ करना नही सीखते। जो बीत गया, वह बीत गया, उसे पीछे ही रखे।

3-  स्वयं से अच्छा बर्ताव करे। ध्यान करे, अच्छे लोगो से बाते करे, उनके साथ पैदल चले।

अनुकूलता पर ध्यान दे

1-  अगर अकेला महसूस करते है, तो सार्वजनिक रूप से अपने पंसदीदा कार्य करना शुरू करे। धीरे-धीरे आपको अपने जैसे लोग मिल जायेगे।

2-  अगर आपके दोस्त है, तो उनके साथ ऐसी बाते share करे, जो दोनों पक्षों को पसंद  हो। संगीत पसंद है तो उनके साथ अच्छा संगीत share करे। book पसंद है तो उनसे किताबो पर बाते करे। किताब भेट करे। यह एक-दुसरे से जुड़ने का अच्छा तरीका है।

3-  अगर किसी से बात करने में ख़ुशी नही मिलती, तो खुद से पूछे कि क्या सुधार की कोई गुंजाइश है? किसी गलत रिश्ते को छोड़ना आसान नही होता, पर सही रिश्तो तक पहुचने के लिए यह करना जरूरी है। हम दूसरो लोगो को बदल नही सकते, पर उनके साथ अपने संबंधो को जरुर बदल सकते है।

4-  किसी से मिलने पर उनकी अच्छी व् रोचक बाते note करे। उनकी इस बारे में बताये। खुलकर हँसे।

स्वीकारना सीखे

1-  अगर लगता है कि हर person गलत कर रहा है, तो खुद से पूछे कि क्या बात है, जो आपको उदास कर रही है। कई बार problem का समाधान खुद के दोष देखकर ही मिलता है।

2-  अगर किसी को बदलना चाहते है तो खुद से पूछे कि आप खुद में आप खुद में क्या बदल सकते है। लगता है कि कोई आपकी तारीफ़ नही करता, तो आप दूसरो की तारीफ़ करे।

3-  दूसरो को सुने, केवल अपने बोलने क प्रतीक्षा न करे।

व्याहारिक अपेक्षाए रखे

1-  अपने विचारो को चुनौती देना सीखे। खासकर उन विचारो को, जो आपकी अपेक्षाओ को शांत नही होने देते। हर समय क्या होना चाहिए को याद रखना जरूरी नही। जो है उसका भी आनन्द ले।

2-  अपने बीते समय के डर व् आशंकाओ को किसी के साथ share करे। उससे आगे निकलने का प्रयास करे।

3-  ध्यान दे कि कही ऐसा तो नही, जो काम आपको खुद के लिए करने चाहिए, उसकी अपेक्षा आप दूसरो से करते है। जैसे कि दुसरे आपकी जरूरत का ध्यान रखे, आपको प्यार करे आदि। ऐसा है तो इन अपेक्षाओ को मन से हटाए और खुद से प्यार करे।

4-  अगर लगता है कि जीवन में खुश नही है, तो इसका दोष संबंधो को न दे। ऐसा काम करे, जो यह अहसास कराए कि इस दुनिया में आपकी भी जगह है।









Monday, November 30, 2015

Everyday बनती बिगड़ती है Destiny


हममे से हरेक व्यक्ति की एक नियति होती है। बिलकुल वैसे ही, जैसे बीज की नियति पेड़ बनना है। जहां बीज विकास के लिए अपने पर्यावरण पर depend होता है, वही हमारे साथ ऐसा नही है। हम खुश-किस्मत है कि हमे चुनाव करने करने की नेमत हासिल है, जो हमे अपने परिवेश और परिस्थितियों से अधिक ताकतवर बना देती है। दुसरे शब्दों में कहे तो हम अपनी परिस्थितियों को बदल सकते है।

जीवन एक नजरिया है। जब हम अपना नजरिया बदलते है, तो सोच का तरीका भी बदल जाता है। सोच का ढंग बदलता है तो भाव बदलते है। जब अच्छा महसूस करते है तो अच्छा काम भी करते है। और जब रोजमर्रा के कामो को को ढंग से  करने लगते है तो जादुई परिणाम हासिल होते ही है।

जो भी है आज है

बहुत लोग मानते है कि हमारा अतीत, आने वाला कल का निर्माण करता है। गौर करे तो हमारा आज बीते हुए दिन का परिणाम है और यही आज, आने वाला दिन का अतीत होगा। यानि गहराई से सोचे तो हमारा आज ही important है, जो आने वाले कल का आधार बनेगा, बीता कल नही। हम कल असफल होगे, क्योकि आज कुछ उपयोगी नही कर रहे है। बीते कल की गलती को इसके लिए जिम्मेदार न ठहराए।

आपके पास हर दिन सफलता का निशाना लगाने का अवसर होता है। बहुत से लोग बीते वक्त के दुखों को ही भविष्य की तस्वीर मानकर हार मान लेते है। यह सोच success को दूर ले जाती है, क्योकि हम हर दिन असहाय होकर बिताते रहते है।

कभी न कभी हममे में हर किसी ने गलती की होती है। किसी न किसी मोड़ पर हम सभी खुद के साथ या दूसरो के साथ गलत होते है। पर वह बिंदु, जहां हमारी किस्मत आकार ले रही होती है, वह वही है, जहां आप आज खड़े है। जब आप चुनते है है कि जो भी हो रहा है उसके लिए आप क्या करेगे। यही चुनाव है जो आप अपने लिए कर सकते है। यही भविष्य का आधार है। आज ही है, जब बीते कल कल को सही कर सकते है।

पहले नियति बदलने की

आप भी अपना भाग्य रच सकते है। आज,अभी, इस पल कुछ सार्थक करने की शुरुआत कर सकते है। जब तक आप जीवित है, आपके पास अपनी पसंद की दुनिया बनाने का अवसर भी है। आपकी नियति हर रोज आपको अवसर देती है। इस अवसर को लपक ले, उसे हाथ से छूटने न दे।

सजगता है जादू

इस बात को समझने के लिए मै workshop का आयोजन करती हूँ। इसमे आग पर चलने का खेल शामिल होता है। मै अक्सर लोगो को कहती हूँ कि यदि आप पहले कभी आग पर चलने हुए जल गये थे, तो इसका अर्थ यह नही है कि आपके साथ आज भी ऐसा ही होगा। जलने जैसी घटनाये तभी होती है, जब हम सतर्क नही होते है, जब लापरवाही करते है। हमारा focus कही और होता है। आग पर चलने समय पूरी सजगता, एकाग्रता और दृढ़ता की जरूरत होती है। क्या इसी से जादू होता है कि व्यक्ति जलता नही है? हां, जादू होता है। सजगता जादू है। जादू होते है, जब हमारी क्रियाये हमारी इच्छाओ की दिशा में क्रेंदित होती है। अब प्रश्न है कि बीते कल के बुरे experience को हमारे आज के decision में क्या भूमिका है? हर गलती, हर नुकसान, हर दुःख हमे जो सबक देता है, वह है ‘जिम्मेदारी’, जब हम खुद की जिम्मेदारी लेते है तो एक strong person बनते है। नियति वह नही है, जो हर पल आपके चुने हुए और किये गये कार्यो में आकार ले रही होती है।

     # “ये article, प्रिया कुमार से लिए गये है जो motivation speaker, corporate trainer.” जो I am another you, और perfect world पुस्तक की writer. सपने देखना पसंद करती है।

                                                         www.priya-kumar.com









  

Friday, November 27, 2015

Cholesterol कम करना है तो ये खाए


Cholesterol की भूमिका

कोशिकाओ की गतिविधियों के लिए cholesterol जरूरी है। body, जरूरत के अनुसार ही किसी तत्व का निर्माण करता है। जहां body अपने स्तर पर cholesterol बनाता है, वही अतिरिक्त बसा को भी cholesterol में परिवर्तित करता है। ऐसा नही है कि heart के रोगों की एकमात्र वजह cholesterol है। जलन, swelling व् जीवनशैली भी heart रोगों का कारण होते है। trans fat जैसे तली हुई चीजे, मक्खन, popcorn, junk food आदि की अधिकता ही cholesterol को बढ़ाती है।

इन चीजो का सेवन कम करेगा cholesterol

लहसुन

लहसुन cholesterol कम करने में भी असरदार है। इससे blood का थक्का बनने की आशंका कम होती है, रक्तचाप कम होता है व् संक्रमण से बचाव होता है। नये research के अनुसार लहसुन का नियमित सेवन धमनियों में प्लाक जमने से रोकता है। ताजे लहसुन की दो से चार कलियाँ का नियमित रूप से सेवन करे।

Oats

cholesterol कम करना चाहते है तो बेहतर है कि सुबह के खाने को बदलने से शुरुआत करे। सुबह के नाश्ते में oats लेना बुरे cholesterol यानि LDL को कम करने में मदद करता है। oats में मौजूद बीटा-ग्लूकेन LDL को अवशोषित कर लेता है।

बीन्स

Arizona stat university polytechnic में हुए एक research में पाया गया है कि सूप में आधा कप बीन्स मिलाना कुल cholesterol को कम करता है। LDL में 8% तक की कमी आती है। राजमा, काले व् सफेद लोबिया में fiber की अधिकता cholesterol को सोखती है।

जैतून का तेल

जैतून के तेल में heart के लिए लाभकारी मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड होते है, जो LDL cholesterol के स्तर को कम करते है। जैतून के तेल में पेट की बसा कम होती है। इसे सलाद व् फल-सब्जियों के उपर डाल कर खाए।

मेवे

यदि cholesterol कम करने की सोच रहे है तो मेवे खासतौर पर अखरोट का सेवन करे। american journal of clinical nutrition में प्रकाशित अध्धयन के अनुसार अखरोट का नियमित सेवन LDL के साथ कुल cholesterol को कम करता है। बादाम व् काजू को भी शामिल करे। मेवो में calorie की अधिकता होती है, इसलिए एक मुटठी मेवो का सेवन फायदेमंद होगा।

पालक

पालक में ल्युटेन होता है। पीले रंग का यह पिगमेंट हरी पत्तेदार vegetable व् egg के पीले वाले हिस्से में पाया जाता है। उम्र बढने के साथ आँखों में आने वाली कमजोरी को दूर करने में यह असरदार है। हालिया research कहते है कि पालक का सेवन धमनियों की परत को सुरक्षा प्रदान कर heart attack से बचाता है। प्लाक जमने से रोकता है। छोटे पत्ते वाले ताजे पालक की पत्तियों को सलाद में इस्तेमाल करे या फिर microwave में कुछ देर पकाकर डिश के उपर डालकर खाए।

Black Tea

tea को कैंसररोधी antioxidant के कारण जाना जाता है, पर इसमे LDL cholesterol को control रखने वाले तत्व भी होते है। एक study के अनुसार black tea का तीन सप्ताह तक नियमित सेवन blood lipid को 10% तक कम कर देता है।

Avocado

यह heart के लिए लाभदायक मोनोसैचुरेटेड बसा का अच्छा स्रोत है। इससे अच्छे cholesterol(LDL) की मात्रा बढ़ जाती है। इसमे cholesterol को control रखने वाला बीटा-sitosterol होता है, जो भोजन से मिलने वाले cholesterol को control रखता है।







   

Tuesday, November 24, 2015

Job ढूंढने के लिए कुछ नये Tools


एक time था, जब job ढूंढने के लिए placement agency पर लोगdepend थे। वही आज नये जमाने के नये tools जैसे social networking sites, app भी job ढूंढने में help कर रहे है-

लोकप्रिय Sites

LinkedIn.com, shine.com जैसी sites का use होता है।

80% jobs कही न कही networking से मिल रही है।

40% युवा नौकरी ढूंढने के लिए social media का इस्तेमाल कर रहे है।

1/3 managers मानते है कि पारंपरिक job ढूंढने के तरीको को नये जमाने के tools बदल डालेगे।

Mobile

job ढूंढने के लिए apps download करे। apps आपको एक touch में job ढूंढने का विकल्प देते है।

Mobile Application

shine, जॉब एमपी मोबाइल, real time job, carrier builder, बिजी बी

20% लोग job ढूंढने के लिए अपने smartphone का इस्तेमाल करने लगे है।

अपने video resume को YouTube पर भी upload करे और ध्यान रखे कि इसका link आपके CV में जरुर हो।

Personal Branding

खुद को online promote करने में पीछे न रहे। आपका creative work नियोक्ता की नजरो में जरुर आएगा। खुद को संप्रेषण कला को विभिन्न websites के जरिये भी पेश करे। SERP के जरिये google writer की high quality वाले content को पहचान करता है।

Blogging Tips

ऐसा जरुर दिखना चाहिए कि आप अपनी field में लगातार research कर रहे है। एक page अपने resume के नाम करे। अपने विचारो को ऐसे रखे, जिससे industry की जानकारी के साथ आपके विचार भी झलकते हो।

Twitter Tips

1-  recruiter से twitter के जरिये जुडकर उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाए

2-  re-tweet करने पर नियोक्ता को लगेगा कि आप company के प्रोफाइल को जानने-समझने में दिलचस्पी ले रहे है।

3-  नियोक्ता की नजरो में आने के लिए अपनी field से जुडी अच्छी बाते post करे।

4-  यहाँ blog के link आदि जोड़ने में भी पीछे न रहे।

शिष्टाचार न भूले

social media प्रोफाइल में पूरी तरह से professional की तरह दिखे। content एक professional की दृष्टि से post किया गया हो। पांच में से एक manager ने job देने से पहले social network में background में जाँच की।

Company से बाहर होने की वजह

1-  09% company ने नियमो के उल्लघंन के कारण कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया।

2-  21% company ने पाया कि उनके अधिकतर कर्मचारियों ने company policy का ध्यान नही रखा।

3-  company में रहते हुए job search

4-  social media पर boss व् client पर प्रहार किया

5-  फिजूल की pictures post की।














Friday, November 20, 2015

Group Discussion में इन गलतियों से सीखे


group discussion(GD) में किसी गलती की आशंका से कम बोलना या फिर चुप रहना उचित नही है। पहले कभी GD में मिली नाकामी से डर कर नई कोशिश न करना भी गलत है। अगर कभी असफलता मिली है तो उससे सबक लेने की जरूरत है। जो लोग अपनी गलतियों से सीखते है और उन्हें न दोहराने का संकल्प लेते है, सही मायनों में तरक्की उन्हें ही मिलती है। GD कई क्षेत्र की job के लिए उम्मीदवारों की screening का important चरण है। आठ से बारह के बीच अपनी बात को रखना हर किसी के लिए आसान नही होता। ऐसे में गलतियों का होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका यह अर्थ यह नही है कि गलती हो जाने की आशंका से GD में कम बोला जाये या फिर चुप ही रहा जाये। GD में सफल होना है तो इन बातो का जानते है-

Discussion में देर से शामिल न हो

GD के लिए सीमित समय दिया जाता है। इसी समय में सभी उम्मीदवार को अपने विचार रखने होते है। ऐसे में यदि आप यह सोचकर बैठे रहते है कि पहले सामने वाला person बोले, इसके बाद मै अपने विचार रखूँगा तो समझ ले कि आप अपनी बारी का इंतजार ही करते ही रह जायेगे। इस सीमित समय को अपनी पारी के इंतजार ही करते रह जायेगे। इस सीमित समय को अपनी पारी के इंतजार में खोने से अच्छा है, मौका तलाशकर बोलना। GD में discussion की शुरुआत करने वाले को हमेशा लाभ मिलता है, इसलिए कोशिश करे कि GD में सबसे पहले या दुसरे नंबर पर ही बोले। यहाँ जो person सबसे अंत में बोलता है, उसके लिए यह माना जाता है कि उसने सभी को सुनने के बाद अपने विचार बनाये है। और वह जो कुछ भी बोल रहा है, वो उसके अपने विचार नही है। GD में मिलने वाले पांच से दस minute में to the point बोलने का प्रयत्न करे।

Language नही, विचारो पर जोर दे

group discussion है तो फरार्टेदार English ही बोलनी पड़ेगी, ऐसी मान्यता ठीक नही है। हां यह सही है कि कुछ संस्थान सिर्फ English में ही group discussion का आयोजन करते है। English कमजोर है, इस बात को दिल से लगाकर निराश होने या आत्मविश्वास कम करने की जरूरत नही है। कई बड़े संगठन ऐसे भी है, जो language को नही, बल्कि उम्मीदवार के विचारो को अहमियत देते है। वे हिंदी या English, दोनों ही language में अपनी बात रखने का मौका देते है। इसका फायदा उठाते हुए आप अपनी मजबूत पकड़ वाली language में विचार रखकर बाजी को अपने हक में कर सकते है।

खुद को कम न समझे

discussion में खुद को दूसरे से कम आंकना सही नही है। यह सोचकर अपना आत्मविश्वास कम न करे कि सामने वाला उम्मीदवार कद-काठी, look, smartness या बोलचाल में आपसे बढकर है। यह जरूरी नही है कि जो person आपसे ज्यादा smart नजर आ रहा है, वह अपनी बात भी उतनी ही smartness के साथ रखेगा। GD में success पूरी तरह से timing, आत्मविश्वास, विचारो की स्पष्टा, presentation और सही Technic पर depend करती है, न कि इस बात पर कि आप कैसे दिख्रते है।

दूसरो की बात न काटे

group discussion में हर कोई बहुत ही आक्रामक तरीके से अपनी बात रखता है, लेकिन यहाँ एक सीमा में रहकर ही आक्रामक होना चाहिए। सामने वाला person अगर गलत बोल रहा है तो इसका यह मतलब बिलकुल नही है कि आप उस पर हावी हो जाए या आक्रोश में अनाप-शनाप बोलने लगे। यदि किसी person में बड़ी ही मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा है तो उस person की बातो की बातो को सीधे-सीधे काटना या उसे गलत ठहराना उचित नही है। ऐसा व्यवहार करना शिष्टाचार और अनुशासन के भी खिलाफ है। ऐसी परिस्थिति में आप कह सकते है कि इस मुद्दे पर मेरा नजरिया आपसे अलग है। फिर अपने दिमाग की रचनात्मकता का प्रयोग करते हुए अपने विचारो को रखे।
इस दौरान उन पहलुओ पर भी प्रकाश डाले, जहां आपका नजरिया पहले बोलने वाले उम्मीदवार की बातो से अलग हो। ऐसा करने से सामने वाले को बुरा भी नही लगेगा और GD की निर्णायक मंडली की नजर में आपका प्रदर्शन भी बेहतर हो जायेगा।

बातो को न दोहराए

अपनी बारी आने पर दूसरो की कही बातो को दोहराना हमेशा negative effect छोड़ता है। इससे नियोक्ता को लगता है कि आप वही विचार रख रहे है, जिसे वह कुछ समय पहले ही सुन चुके है। GD का purpose किसी subject या मुद्दे पर नये तथ्यों और नये नजरिये को सामने लाना होता है। अगर आपके बोलने से यह उद्देश्य ही पूरा नही होगा तो निश्चित रूप से आपका बोलना व्यर्थ हो जायेगा।

उतावलापन न दिखाए

group discussion में नियोक्ताओ पर अपना effect डालने के लिए यह जरूरी नही है कि discussion में सबसे पहले बोला जाये। पहले नंबर पर बोलने की हडबडी में मन में जो आये, उसे बिना सोचे-विचारे बोलना भी negative effect छोड़ता है। ध्यान रहे यहाँ घबराहट में कुछ भी या ज्यादा बोलना हमेशा ही आपके प्रदर्शन के प्रतिकूल होता है, इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा कुछ लोग अपनी बात कहने में इतना उतालवापन दिखाते है कि अक्सर मुद्दे से भटक जाते है। GD में जितना हो सके, कम शब्दों में, स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से अपनी बातो को रखे। इससे दुसरे उम्मीदवार को आपकी बातो को काटने के लिए कोई ठोस आधार नही मिल सकेगा।

सफलता मिलेगी ऐसे

GD में यह मानकर जाए कि यहा आप कुछ खोने नही जा रहे है। GD में इस इस सोच के साथ जाये कि यदि success रहे तो बहुत अच्छा, पर यदि असफल रहे तो भी कुछ experience लेकर तो जरुर लौटेगे। यही सोच और आत्मविश्वास आपको सफलता दिलायेगे।

देश-दुनिया की खबर

GD में अक्सर current affairs के topic होते है। इसलिए बीते कुछ समय में देश-दुनिया में क्या घटा है या फिर क्या कुछ घट रहा है, इसकी पूरी और सही जानकारी रखे। साथ ही उड़ मुद्दे के reference में अपनी एक राय भी बना ले। GD में जाने से दस दिन पहले की खबरों पर खास नजर रख कर आप बड़े आराम से GD में success हो सकते है।

Active रहे


GD में success होने के लिए आपका proactive यानि सक्रिय होना बहुत आवश्यक है। कोशिश करे कि discussion की शुरुआत और उसके समापन का मौका आपको ही मिले।