Thursday, October 8, 2015

Healthy Diet अच्छी नही अति




गौरव को fruit खाने का बहुत शौक था। खासकर वह apple और papaya जब तब खाता रहता था। जब भी भूख लगती, refrigerator से fruit निकाल कर खा लेता। ज्यादा भूख लगने पर उसका सलाद बना लेता। उसका ये ख्याल था कि fruit तो fiber और vitamin से भरपूर होते है। fruit से सेहत कोई नुकसान नही। तभी अचानक एक दिन वह बीमार पड़ गया। पेट में भयंकर pain होने लगा। उसे गैस,अपच की भी शिकायत रहने लगी। काफी इलाज हुआ। तब जाकर उसने doctor के advice पर अपना खान-पान बदला। doctor ने बताया कि एक ही तरह के खान-पान की वजह से गौरव के body में कई अन्य आवश्यक तत्वों की कमी हो गई थी।
यह सही है कि fruit vitamin और mineral से भरपूर होते है, पर एक की अधिकता body में दुसरे तत्वों की कमी कर देती है। पपीता पाचन के लिए बेहतर होता है, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल कई problem भी पैदा करता है। apple में उच्च मात्रा में fiber व् iron होता है, पर body को सिर्फ fiber की जरूरत नही होती, उसे ठोस भी चाहिए। साथ ही बहुत अधिक fiber लेने पर toxin के साथ-साथ body के लिए उपयोगी पोषक तत्व भी बाहर निकल जाते है। पेट सम्बन्धी दिक्कते भी होती है।

दूसरी ओर WhatsApp पर आये एक message में पानी की खुबिया जानने के बाद मानसी ने खूब water पीना शुरू कर दिया। पर कुछ समय बाद उसने महसूस किया कि वह पहले से ज्यादा बार पेशाब जा रही है और उसे थकान भी अधिक रहने लगी है। मानसी और गौरव के उदारहण बताते है कि जरूरत से ज्यादा कुछ भी खाना-पीना body को नुकसान ही पहुचाता है, फिर भले ही वह पोषक तत्व ही क्यों न हो। पोषक तत्व भी एक आदर्श मात्रा में body में पहुचने पर ही फायदेमंद रहते है।

Protein

protein मांशपेशियो के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी है। बढ़ते बच्चो के लिए इसकी अधिकता बेहद जरूरी है। पर उम्र बढने के साथ-साथ protein को अधिक मात्रा में लेने से kidni को भी अतिरिक्त मेहनत करनी पडती है। लम्बे समय तक high protein diet से heart और liver रोगों का खतरा बढ़ता है। कुछ खास तरह के protein bones की सेहत पर भी असर डालते है। गठिया और kidni की परेशानी से जूझ रहे लोगो को खास ध्यान रखने की जरूरत है। दाले,अंडा,milk,soyabean,मटर, chicken,टूना,पनीर व् मूंगफली के अच्छे स्रोत है।

क्या है सही मात्रा 

protein की मात्रा body की सक्रियता व् work out पर depend करती है। सामान्य तौर पर भोजन से मिलने वाली कुल calorie का कम से कम 10 प्रतिशत और अधिक से अधिक 30 प्रतिशत हिस्सा protein से आना चाहिए। आहार विशेषज्ञ से राय लेना बेहतर रहता है।

Tea

tension कम करने और आलस दूर भगाने में tea से मदद मिलती है, लेकिन इस पेय की लत लगने में देर नही लगती। इसलिए संभव है कि अगर आपको दिनभर में 2 कप चाय पीने की आदत है तो यह आदत खुद ब खुद 6 cup में बदल जाएगी। दरअसल चाय में कैफीन होता है, जो पाचन शक्ति को कमजोर करने के साथ खीज, चिडचिडेपन, अनिद्रा और मूड स्विंग के लिए जिम्मेदार होता है। सामान्य चाय के मुकाबले टीबैग वाली चाय ज्यादा नुकसान पहुचाती है, इसलिए टीबैग वाली चाय को कुछ क्षण पानी में रखने के बाद तुरंत निकाल देना चाहिए। यदि आप मानते है कि green tea तो कितनी भी पी जा सकती है तो भी ध्यान देने की जरूरत है। अधिक green tea का सेवन body में dehydration कर सकता है।

क्या है सही मात्रा

दिन में 2 cup से ज्यादा चाय न पीये। चाय के cup के size पर भी ध्यान दे। cup जितना बड़ा होगा, चाय उतना पी जाएगी। इसलिए cup छोटा ही ले। green tea भी दिनभर में चार cup से अधिक न ले। अगर आप चाय की दुकान आदि पर चाय पीते है तो थोडा और सतर्क हो जाये, क्योकि वहा बिकने वाली चाय के दो cup बार-बार उबलने के कारण छह cup चाय के बराबर साबित होते है।

Vitamin

बिना सलाह vitamin supplement और फोर्टीफाईड fruit का सेवन करते है तो ध्यान दे। body में अधिक vitamin थकावट,चक्कर व् आलस पैदा कर सकते है। जैसे अधिक vitamin-c या जिंक, उल्टी,डायरिया और मरोड़ का कारण बन सकते है। selenium की अधिकता acidity और बाल गिरने का कारण बन सकती है। vitamin-d की अधिकता से heart गति अनियमित होती है। लम्बे समय तक vitamin-A,D,E और K की अधिकता toxin बढ़ा देती है। पर आमतौर पर उचित मात्रा में fruit व् vegetable का सेवन body में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति कर देता है। 

Fiber

fruit-vegetable fiber यानि रेशो से भरपूर होते है। इन्हे पर्याप्त मात्रा में खाने से कब्ज और gas सम्बन्धी परेशानिया कम होती है। कब्ज, अपच और मोटापे के शिकार लोगो को खासतौर पर fiber युक्त चीजे खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह भी सच है कि लम्बे समय तक ऐसी अधिक चीजे खाना पेट में ऐठन, अपच और acidity कर सकता है। डायरिया का खतरा भी बढ़ सकता है।

क्या है सही मात्रा

एक healthy person को हर रोज 25 से 35 gram fiber यानी कोई भी 2 fruit, दो कटोरी सब्जी और एक कटोरी सलाद खाना चाहिए। हर रोज बदल-बदल कर fruit-vegetable खाना फायदेमंद रहता है।

Water

बहुत अधिक water पीने को हाइपोनेटिमिया कहते है। जल्दी-जल्दी व् एक साथ बहुत सारा पानी से blood में अधिक अधिक sodium घुलने लगता है, फ्लूड रक्त से cell में जाने लगता है, जिससे उलझन, भ्रम, सूजन और सिरदर्द हो सकता है। बार-बार पेशाब जाना और उल्टी अधिक पानी पीने के लक्षण है। यह भी ध्यान रखे कि अन्य खाध पदार्थ भी पानी की पूर्ति करते है।

क्या है सही मात्रा

दिन भर में 8 से 10 गिलास पानी की जरूरत होती है। मौसम भी पानी पीने की क्षमता पर असर डालता है। इतना पानी अवश्य पिए कि पेशाब का रंग पीला न हो जाये।

इन बातो का रखे ध्यान

1-  soyabean में protein अधिक होता है, जबकि cholesterol बिलकुल भी नही होता। बावजूद इसके ज्यादा सोया खाने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। विभिन्न शोधो के मुताबिक इसे ज्यादा खाने से women के body में estrogen का स्तर प्रभावित हो सकता है, men में भी इनफर्टिलिटी  का खतरा बढ़ सकता है। thyroid वालो को भी soyabean की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
2-  किसी भी fruit या vegetable को हर रोज ज्यादा मात्रा में खाना कई तरह की परेशानिया लाता है। जैसे जरूरी नही कि vitamin-A के बेहतरीन स्रोत माने जाने वाले पपीते या गाजर का ज्यादा सेवन body को फायदा ही पहुचाये। दरअसल ये fruit बीटा कैरोटिन से भरपूर होते है। body का पाचनतंत्र इनमे मौजूद बीटा-कैरोटिन को vitamin-A में तब्दील कर देता है, लेकिन body अपनी जरूरत के मुताबिक ही vitamin-A लेता है। बाकि बचा अतिरिक्त vitamin-A system में ही रह जाता है, जिसकी वजह से धीरे-धीरे हथेलिया और तलुए पीले पड़ने लग जाते है। इसे कैरोटनेमिया कहते है। बीटा-कैरोटिन से भरपूर अन्य चीजे आलू, कुम्हड़ा,पालक और ब्रोकली अधिक खाने से भी कैरोटनेमिया हो सकता है।
3-  olive oil दिल की बीमारी के खतरे को कम करता है, पर इसे जरूरत से ज्यादा हाईप देना सही नही। सभी तरह के तेलों का संतुलन जरूरी है। सरसों, सूरजमुखी, मूंगफली भी इस्तेमाल करते रहे। एक दिन में दो से तीन चम्मच जैतून का तेल काफी है।
4-  विभिन्न शोधो के मुताबिक सूखे मेवो का जरूरत से ज्यादा सेवन पाचन क्रिया बिगाड़ सकता है। इससे allergy भी हो सकती है, इसलिए सूखे मेवे खाते समय मात्रा पर ध्यान दे। एक स्वस्थ व्यक्ति के खानपान में सूखे मेवो की आदर्श मात्रा उसकी दिनचर्या पर depend करती है। अधिक शारीरिक श्रम न करने वालो के लिए नियमित 10-12 दानो का सेवन पर्याप्त है। बादाम व् किशमिश रात में भिगोकर सुबह खाना अच्छा रहता है। मेवे तल कर नमक लगा कर नही खाने चाहिए।

                            डाइटीशियन नेहा यादव और निधि पांडेय के अनुसार     



 

     

Friday, October 2, 2015

Mahatma Gandhi



राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। हम उन्हें प्यार से बापू पुकारते हैं। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ। सभी school और शासकीय संस्थानों में 2 अक्टूबर को इनकी जयंती मनाई जाती है। उन्हीं के प्रेरणा से हमारा देश 15 अगस् 1947 को आजाद हुआ।

गांधीजी के पिता करमचंद गांधी राजकोट के दीवान थे। इनकी माता का नाम पुतलीबाई था। वह धार्मिक विचारों वाली थी।

अहिंसा को अपना धर्म मानने वाले मोहनदास कर्मचंद गांधी (Mohandas Karamchand Gandhi) स्वाधीनता संग्राम के राजनैतिक और आध्यात्मिक नेता थेसत्याग्रह, अहिंसा और सादगी को ही एक सफल मनुष्य जीवन का मूल मंत्र मानने वाले गांधी जी के इन्हीं आदर्शों से प्रभावित होने के बाद रबिंद्रनाथ टैगोर ने पहली बार उन्हें महात्मा अर्थात महान आत्मा का दर्जा दिया थागांधी जी ने अपना जीवन सत्य की व्यापक खोज में समर्पित कर दिया था अपने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने स्वयं अपनी गलतियों पर प्रयोग करना प्रांरभ किया  अपने अनुभवों को उन्होंने अपनी आत्मकथामाई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथमें संकलित किया था अंग्रेजी शासनकाल में गांधी जी के नेतृत्व में देशभर में महिलाओं के अधिकारों और धार्मिक एवं जातीय एकता को बढ़ावा देने के लिए कई आंदोलन चलाए गएउन्होंने अस्पृश्यता को जड़ से समाप्त करने के लिए भी कई यात्राएं की लेकिन विदेशी शासन से मुक्ति दिला भारत की जनता को आजाद कराना ही महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) का सबसे प्रमुख लक्ष्य था गांधी जी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों पर लगाए गए नमक कर के विरोध में 1930 में दांडी मार्च और 1942 में  भारत छोड़ो आंदोलन में भारतीय स्वतंत्रा सेनानियों का नेतृत्व कर प्रसिद्धि प्राप्त की

गान्धी जी ने सभी परिस्थितियों में अहिंसा और सत्य का पालन किया और सभी को इनका पालन करने के लिये वकालत भी की। उन्होंने साबरमती आश्रम में अपना जीवन गुजारा और परम्परागत भारतीय पोशाक धोती व सूत से बनी शाल पहनी जिसे वे स्वयं चरखे पर सूत कातकर हाथ से बनाते थे। उन्होंने सादा शाकाहारी भोजन खाया और आत्मशुद्धि के लिये लम्बे-लम्बे उपवास रक्खे।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी वर्ष 2007 से गाँधी ज्यन्ती को ‘विश्व अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाये जाने की घोषणा की

गांधीजी की 30 जनवरी को प्रार्थना सभा में नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी। महात्मा गांधी की समाधि राजघाट दिल्ली पर बनी हुई है।

महात्मा गाँधी के अनमोल वचन

यहाँ महात्मा गाँधी के कुछ अनमोल वचन संकलित किए गए हैं:
·         अधभूखे राष्ट्र के पास न कोई धर्म, न कोई कला और न ही कोई संगठन हो सकता है।
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·         निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी।
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·         जब भी मैं सूर्यास्त की अद्भुत लालिमा और चंद्रमा के सौंदर्य को निहारता हूँ तो मेरा हृदय सृजनकर्ता के प्रति श्रद्धा से भर उठता है।
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·         क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है।
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·         एकमात्र वस्तु जो हमें पशु से भिन्न करती है - वह है सही और गलत के मध्य भेद करने की क्षमता जो हम सभी में समान रूप से विद्यमान है।
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·         आपकी समस्त विद्वत्ता, आपका शेक्सपियर और वर्ड्सवर्थ का संपूर्ण अध्ययन निरर्थक है यदि आप अपने चरित्र का निर्माण व विचारों क्रियाओं में सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते।
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·         स्वच्छता, पवित्रता और आत्म-सम्मान से जीने के लिए धन की आवश्यकता नहीं होती।
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·         निर्मल चरित्र एवं आत्मिक पवित्रता वाला व्यक्तित्व सहजता से लोगों का विश्वास अर्जित करता है और स्वतः अपने आस पास के वातावरण को शुद्ध कर देता है।
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·         सुखद जीवन का भेद त्याग पर आधारित है। त्याग ही जीवन है।
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·         उफनते तूफ़ान को मात देना है तो अधिक जोखिम उठाते हुए हमें पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा।
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·         रोम का पतन उसका विनाश होने से बहुत पहले ही हो चुका था।
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·         गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती। वह तो केवल अपनी ख़ुशबू बिखेरता है। उसकी ख़ुशबू ही उसका संदेश है।
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·         मेरे विचारानुसार गीता का उद्देश्य आत्म-ज्ञान की प्राप्ति का सर्वोत्तम मार्ग बताना है।
·         मैं यह अनुभव करता हूं कि गीता हमें यह सिखाती है कि हम जिसका पालन अपने दैनिक जीवन में नहीं करते हैं, उसे धर्म नहीं कहा जा सकता है।
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·         संपूर्ण विश्व का इतिहास उन व्यक्तियों के उदाहरणों से भरा पडा है जो अपने आत्म-विश्वास, साहस तथा दृढता की शक्ति से नेतृत्व के शिखर पर पहुँचे हैं।
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·         हमारा जीवन सत्य का एक लंबा अनुसंधान है और इसकी पूर्णता के लिए आत्मा की शांति आवश्यक है।
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·         किसी भी स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए सोने की बेडियां, लोहे की बेडियों से कम कठोर नहीं होगी। चुभन धातु में नहीं वरन् बेडियों में होती है।
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·         नारी को अबला कहना अपमानजनक है। यह पुरुषों का नारी के प्रति अन्याय है।
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·         यदि आपको अपने उद्देश्य और साधन तथा ईश्वर में आस्था है तो सूर्य की तपिश भी शीतलता प्रदान करेगी।
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·         अपनी भूलों को स्वीकारना उस झाडू के समान है जो गंदगी को साफ कर उस स्थान को पहले से अधिक स्वच्छ कर देती है।
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·         बुद्ध ने अपने समस्त भौतिक सुखों का त्याग किया क्योंकि वे संपूर्ण विश्व के साथ यह ख़ुशी बाँटना चाहते थे जो मात्र सत्य की खोज में कष्ट भोगने तथा बलिदान देने वालों को ही प्राप्त होती है।
·         जब कोई युवक विवाह के लिए दहेज की शर्त रखता है तब वह न केवल अपनी शिक्षा और अपने देश को बदनाम करता है बल्कि स्त्री जाति का भी अपमान करता है।
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·         आधुनिक सभ्यता ने हमें रात को दिन में और सुनहरी ख़ामोशी को पीतल के कोलाहल और शोरगुल में परिवर्तित करना सिखाया है।
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·         स्वतंत्रता एक जन्म की भांति है। जब तक हम पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हो जाते तब तक हम परतंत्र ही रहेंगे ।