Saturday, August 15, 2015

तिरंगे' से जुड़ी कुछ अहम बातें (Important Knowledge to Indian Flag Tiranga)



नई दिल्ली:

 15 August यानी भारत के 69वें स्वाधीनता दिवस की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। अगर आप भी आजादी के इस पर्व पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारियों में जुटे हैं तो तिरंगा से जुड़ी ये अहम बातें आपके लिए जानना बेहद जरूरी हैं।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा-

भारत का राष्ट्रध्वज समतल और आयताकार तिरंगा है। इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 2:3 होता है। तीन रंगों की समान आड़ी पट्टिका जिनमें सबसे ऊपर केसरिया, मध्य में सफेद तथा नीचे हरे रंग की पट्टी है। सफेद रंग की पट्टी पर मध्य में सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ का चौबीस शलाकाओं वाला चक्र है, जिसका व्यास सफेद रंग की पट्टी की चौड़ाई के बराबर होगा।

तिरंगे के रंग और उनका अर्थ-

राष्ट्रीय ध्वज की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है। बीच की पट्टी का श्वेत रंग धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का प्रतीक है। निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है। सफेद पट्टी पर बने चक्र को धर्म चक्र कहते हैं। इस धर्म चक्र को विधि का चक्र कहते हैं जो तृतीय शताब्दी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए सारनाथ मंदिर से लिया गया है। इस चक्र को प्रदर्शित करने का आशय यह है कि जीवन गति‍शील है और रुकने का अर्थ मृत्यु है।

जब सबका हुआ तिरंगा-

 26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्‍वज संहिता में संशोधन किया गया और स्‍वतंत्रता के कई वर्ष बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और फैक्‍ट‍री में न केवल राष्‍ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के इसे फहराने की अनुमति मिल गई। अब भारतीय नागरिक राष्‍ट्रीय झंडे को शान से कहीं भी और किसी भी समय फहरा सकते हैं। बशर्ते कि वे ध्‍वज की संहिता का कठोरतापूर्वक पालन करें और तिरंगे की शान में कोई कमी न आने दें।

विशेष परिस्थिति-

जब किसी राष्ट्र विभूति का निधन होता है तथा राष्ट्रीय शोक घोषित होता है, तब ध्वज को झुका दिया जाना चाहिए, लेकिन जहां जिस भवन में उस राष्ट्र विभूति का पार्थिव शरीर रखा है, वहां उस भवन का ध्वज झुका रहेगा तथा जैसे ही पार्थिव शरीर अंत्येष्टि के लिए बाहर निकालते हैं, वैसे ही ध्वज को पूरी ऊंचाई तक फहरा दिया जाएगा।

शवों पर लपेटना-

राष्ट्र पर प्राण न्योछावर करने वाले फौजी रणबांकुरों के शवों पर एवं राष्ट्र की महान विभूतियों के शवों पर भी ध्वज को उनकी शहादत को सम्मान देने के लिए लपेटा जाता है, तब केसरिया पट्टी सिर तरफ एवं हरी पट्टी पैरों की तरफ होना चाहिए, न कि सिर से लेकर पैर तक सफेद पट्टी चक्र सहित आए और केसरिया और हरी पट्टी दाएं-बाएं हों। याद रहे शहीद या विशिष्ट व्यक्ति के शव के साथ ध्वज को जलाया या दफनाया नहीं जाता, बल्कि मुखाग्नि क्रिया से पूर्व या कब्र में शरीर रखने से पूर्व ध्वज को हटा लिया जाता है।

तिरंगे का नष्टीकरण-

अमानक, बदरंग कटी-फटी स्थिति वाला ध्वज का स्वरूप फहराने योग्य नहीं होता। ऐसा करना ध्वज का अपमान होकर अपराध है, अत: वक्त की मार से जब कभी ध्वज ऐसी स्थिति हो जाए तो गोपनीय तरीके से सम्मान के साथ उसे अग्नि प्रवेश दिला दिया जाता है। या वजन/रेत बांधकर पवित्र नदी में जल समाधि दे दी जाती है। यही प्रकिया पार्थिव शरीरों पर से उतारे गए ध्वजों के साथ भी किया जाता है।

तिरंगे का दुरुपयोग-

राष्ट्रीय ध्‍वज को सांप्रदायिक लाभ, पर्दे या वस्‍त्रों के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है। जहां तक संभव हो इसे मौसम से प्रभावित हुए बिना सूर्योदय से सूर्यास्‍त तक फहराया जाना चाहिए। इस ध्‍वज को आशय पूर्वक भूमि, फर्श या पानी से स्‍पर्श नहीं कराया जाना चाहिए। इसे वाहनों पर, रेलों, नावों या वायुयान पर लपेटा नहीं जा सकता। किसी अन्‍य ध्‍वज या ध्‍वज पट्ट को हमारे ध्‍वज से ऊंचे स्‍थान पर नहीं लगाया जा सकता है। तिरंगे ध्‍वज को वंदनवार, ध्‍वज पट्ट या गुलाब के समान संरचना बनाकर उपयोग नहीं किया जा सकता। तिरंगे को अंडरगार्मेंट्स, रूमाल या कुशन आदि बनाकर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

तिरंगे का अपमान-

Flag code ऑफ़ India के तहत झंडे को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जाएगा। उसे कभी पानी में नहीं डुबोया जाएगा और किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। यह नियम भारतीय संविधान के लिए भी लागू होता है। प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर ऐक्ट-1971 की धारा-2 के मुताबिक, ध्वज और संविधान के अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त क़ानून हैं। अगर कोई शख़्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसे कपड़ा बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद हुए जवानों के अलावा) के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाएगा। तिरंगे की यूनिफॉर्म बनाकर पहन लेना भी ग़लत है। अगर कोई शख़्स कमर के नीचे तिरंगा बनाकर कोई कपड़ा पहनता हो तो यह भी तिरंगे का अपमान है।

कैसे बनता है तिरंगा-

1968 में तिरंगा निर्माण के मानक तय किए गए। ये नियम अत्यंत कड़े हैं। केवल खादी या हाथ से काता गया कपड़ा ही झंडा बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। कपड़ा बुनने से लेकर झंडा बनने तक की प्रक्रिया में कई बार इसकी टेस्टिंग की जाती है। खादी बनाने में केवल कपास, रेशम और ऊन का प्रयोग किया जाता है। इसकी बुनाई सामान्य बुनाई से भिन्न होती है। ये बुनाई बेहद दुर्लभ होती है।

निर्माण के लिए हाथ से बनी खादी का उत्पादन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के एक समूह द्वारा पूरे देश में मात्र च्गरगज् गांव में किया जाता है जो उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले में बेंगलूर-पूना रोड पर स्थित है। इसकी स्थापना 1954 में हुई, परंतु अब निर्माण ऑर्डिनेंस क्योरिंग फैक्टरी शाहजहांपुर, खादी ग्रामोद्योग आयोग मुंबई एवं खादी ग्रामोद्योग आयोग दिल्ली में होने लगा है। निजी निर्माताओं द्वारा भी राष्ट्रध्वज का निर्माण किए जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन गौरव व गरिमा को दृष्टिगत रखते हुए यह जरूरी है कि ध्वज पर ISI (भारतीय मानक संस्थान) की मुहर लगी हो। बुनाई से लेकर बाजार में पहुंचने तक कई बार BIS प्रयोगशालाओं में इसका परीक्षण होता है।

बुनाई के बाद सामग्री को परीक्षण के लिए भेजा जाता है। कड़े गुणवत्ता परीक्षण के बाद उसे वापस कारखाने भेज दिया जाता है। इसके बाद उसे तीन रंगों में रंगा जाता है। केंद्र में अशोक चक्र को काढ़ा जाता है। उसके बाद इसे फिर परीक्षण के लिए भेजा जाता है। BIS झंडे की जांच करता है इसके बाद ही इसे बाजार में बेचने के लिए भेजा जाता है।

Saturday, August 8, 2015

Programming Language रूचि पहचानकर, बने विशेषज्ञ


IT sector में professional की मांग बनी हुई है। आज भी यह sector trade professional की कमी से जूझ रहा है। यह जरूरी नही है कि इस area में प्रवेश लेने के लिए आपके पास बड़ी-बड़ी degree हो। website बनाने से लेकर कई अन्य program बनाने में computer language का हुनर जरूरी है। programming language सीखकर आप IT area में प्रवेश कर सकते है,

JavaScript

इस समय नये-नये उपयोगी aaps बनाने में JavaScript की बड़ी भूमिका है। java और JavaScript में सिर्फ नाम की ही समानता है। JavaScript का इस्तेमाल web apps बनाने में किया जाता है। modern web को बनाने में JavaScript का इस्तेमाल बखूबी किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल करने वालो को बस एक शिकायत रहती है कि इसकी वजह से website की browsing धीमी हो जाती है। इसके अलावा आज JavaScript का इस्तेमाल web pages में forms authentication, browser detection और design improve करने में लिया जा रहा है। आपके फेवरेट browser chrome extension, apple के सफारी extension, adobe acrobat reader और adobe creative सूट जैसी application JavaScript coding के बिना अधूरी है। मशहूर aaps और browser को तो आपने कई बार इस्तेमाल किया होगा, क्यों न इनके upgrade हो रहे सफर में शामिल हो।

PHP

आज अधिकतर website php पर बनाई जाती है। yahoo, Facebook,WordPress इसी language पर बनी, बल्कि site के रखरखाव में इसी language का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप भी चाहते है कि ऐसी किसी बड़ी company में बतौर professional जुड़े तो language की जानकारी इन company में job पाने का एक माध्यम बन सकती है। website बनाने के लिए php बहुत ही common language है। हालाकि कई programmer ऐसे भी है, जिन्हें programing language के तौर पर php पसंद नही। high speed scripting और argument compiling कोड planning जैसी खासियतो के चलते इस language का future bright है। php से जुड़े course कर लेने के बाद आप web designer और web developer जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकेगे। दरअसल php server scripting language है, जिसका इस्तेमाल web development के साथ आम programming language में भी होता है। open source होने की वजह से php का आज 24 करोड़ से ज्यादा website और 20 लाख web servers में इस्तेमाल हो रहा है। web designer के रूप में आप शुरुआत में 15 हजार से 20 हजार पा सकते है। experience के बाद अच्छी salary मिलती है।

C

c सबसे पुरानी programming language में से एक है। यहा तक कि computer की थोड़ी बहुत जानकारी रखने वाले के लिए भी C जाना पहचाना नाम है। आज भी बहुत सी IT company में C programmer की बहुत demand है। इस language को 70 के दशक में विकसित किया गया था। इसकी लोकप्रियता इतनी बड़ी कि 1978 में ‘the c programing language’ नाम की 800 page की एक book तक छप गयी। यह book आज भी मशहूर है। c language को सिखने और उसमे expert होने के बाद आपके लिए देश-विदेश में job की कोई कमी नही होगी। आप इस area में कोई कमी नही होगी। आप इस area में काफी आगे तक जा सकते है।

JAVA

आज इस language का इस्तेमाल न सिर्फ computer programming में किया जाता है, बल्कि mobile phone आदि की application में भी इसके बगैर काम नही चलता। दरअसल java object- oriented scripting language है। इसे client side language भी कहा जाता है,क्योकि easy command, easy codes होने की वजह से यह client-side web browser में इस्तेमाल की जाती है। java course करके आप web developer, programmer जैसी job के लिए कोशिश कर सकते है। इस programming language की help से application software बनाना आसान होता है। java एक बड़ी programming language है, इसलिए company ने इसे कई भागो में बाटा हुआ है। यानी आप बतौर programmer जिस वर्ग से relative relative software का विकास करना चाहते है, उसी में specialist बने। java की सबसे बड़ी खूबी इसकी portability व् सुरक्षा है। आज दुनियाभर में यह सबसे लोकप्रिय programming language है। आज हर वर्ष नई नई aaps सामने आ रही है। इन app को बनाने में java की अहम भूमिका होती है।

Object C

C programming language काफी पुरानी और एक सफल language रही है। इसी से प्रेरित होकर बाद में इससे मिलते-जुलते नाम से अन्य language भी विकसित की गई। इन्ही में से एक है ’Object C ।‘ c से प्रेरित होकर बनी इस language में कई new advanced feature जोड़े गये। अगर आप चाहते है कि future में आईफोन के app बनने में आपकी भी भूमिका हो तो यह language आपके carrier को अच्छी position तक ले जा सकती है। दरअसल इस language का इस्तेमाल आमतौर पर आईफोन की app बनाने में किया जा रहा है। वैसे apple company objective c के साथ अपनी बनाई हुई language का भी इस्तेमाल करती है। यू समझे कि objective c आपको एक बेहतरीन carrier देने के लिए बनी है।

Pearl

जब भी text progressing की बात आती है तो pearl language को ही याद किया जाता है। pearl language को 80 के दशक में NASA के एक engineer ने बनाया था। बतौर programming language यह एक प्रभावशाली language है। engineer इसे ‘ the duct tap of the web tag’ नाम से जानते है। इस language में programming करना न सिर्फ आसान है, बल्कि काफी flexible भी है। pearl को multitasking language के रूप में जाना जाता है। system programming की कितनी ही मुश्किलें क्यों न हो, pearl language में सभी हल है। इस language में लिखी गयी programming pearl script के रूप में जानी जाती है। pearl की कई खुबिया है, जो अपनी समकक्ष language से बेहतर दिखती है। network expert के लिए इस language को सीखना बेहद जरूरी होता है। यही expert यह भी कहते है कि अगर आप इस computer language में पारंगत हो जाते है तो company में  आपको job मिल सकती है।

IT Sector : क्या कहते है आकड़े

1-  20 साल में IT और BPL industry में देश में कई दिग्गज company उभर कर आई है।

2-  52 अरब डॉलर की IT service देती है विदेशी company हर साल भारत में

3-  30 लाख से ज्यादा लोगो को रोजगार मिला हुआ है IT sector में। Industry private sector में सबसे ज्यादा रोजगार मुहैया कराने वाले sector में से एक 


   


      

Saturday, August 1, 2015

A.P.J Abdul Kalam की याद में




अनजानी राह पर चलना ही साहस

बच्चो से रूबरू होना, school, college और university में जाना व् student से प्रेरणादायक बाते करना, Dr. APJ Abdul Kalam को बहुत पसंद था। एक बार उन्होंने कहा था कि पिछले दो दशको में वे दो करोड़ से ज्यादा बच्चो से मिल चुके है। ऐसे ही एक program के दौरान उन्होंने चौथी से बारहवी के student को leader बनने के लिए प्रेरित करना। यह उनके life, experience और knowledge का निचोड़ था। उनके भाषण के अंश

दोस्तों, मै आपको leader बनाना चाहता हू। इस देश को हर क्षेत्र में नेतृत्व की जरूरत है। पर हम leader कैसे बने? मैंने life में तीन बड़े mission का नेतृत्व किया। पहला satellite lanch vehicle बनाना। दूसरा agni missile का निर्माण। तीसरा शहरी सुविधाओ को गाँव तक पहुचाने का mission। ‘providing urban amenities too rural areas’ ।

मैंने इनसे जो सीखा, वही आपको बताने का प्रयास करता हूँ। मै मानता हूँ कि leader के पास दूरदृष्टि होनी चाहिए, जिससे वे जान सके कि अगले 10-15 सालो में क्या होगा। सपने सच करने के लिए उसके पास जूनून होना चाहिए। अनजाने रास्ते पर चलने का साहस होना चाहिए। अब साहस क्या है? साहस है अल्ग सोचना। आविष्कार करना साहस है। अनजान रास्ते पर चलना साहस है। मुश्किलों से लड़ कर सफल होना और असंभव को संभव बनाना साहस है। साहस युवाओ का गुण है। युवा होने के नाते आपको काम करना होगा और ढेर सारा काम करना होगा। फिर साहस के साथ सफलता पानी होगी, हर mission में।

आप जो बनना चाहते हो, वही बने। engineer, scientist, doctor, teacher, officer या नेता। आप जब सफल होगे, तभी देश आगे बढ़ेगा, पर life में कुछ करने के लिए ज्ञान जरूरी है।
ज्ञान तीन चीजो का जोड़ है। रचनात्मकता, साहस और सच्चाई। साहस के बारे में आप जान चुके है। बाकी दो के बारे में बताता हूँ। पढने से रचनात्मकता आती है। रचनात्मकता से हम विचारवान बनते।  विचार हमे ज्ञानी बनाते है। ज्ञान हमे महान बनाता है। जब दिल में सच्चाई होती है, तब चरित्र में सुन्दरता आती है। चरित्र में सुन्दरता से घर में एकता आती है। घर में एकता से देश में व्यवस्था का राज होता है। देश की व्यवस्था से विश्व में शांति आती है। अब समझिये कि दिल में सच्चाई कैसे आती है। यह सिर्फ माता-पिता और प्राथमिक school के teacher की देन है।

अब leader के दुसरे गुणों पर आते है। ध्यान रखे कि leader कभी असफलता से नही डरते। उन्हें उन्हें असफलता को सफलता में बदलने का हुनर आता है। और वे किसी भी सूरत में हार नही मानते और प्रयास करते रहते है। साथ ही वह असफलता का बोझ अपने कंधो पर उठाते है, लेकिन सफलता का श्रेय पूरी team को देते है। जैसे, 1979 में satellite launch vehicle का परिक्षण असफल हो गया। इसरो के तत्कालीन प्रमुख प्रो. सतीश धवन ने असफलता को अपने सिर मढ़ लिया और अपनी team पर विश्वास जताया, पर एक साल बाद जब यही mission सफल हुआ तो उन्होंने मुझे press को संबोधित करने का मौका दिया। इसके अलावा leader में फैसला लेने की ताकत होती है। उसके management में सज्जनता और हर काम में पारदर्शिता होती है।
इसलिए बच्चो, शपथ लो, मै जहा भी रहूगा, वही सोचूगा कि मैं दुसरो को क्या दे सकता हूँ? हर काम को ईमानदारी से पूरा करूगा और सफलता हासिल करूगा। महान लक्ष्य निधारित करूगा। किताबे,अच्छे लोग और अच्छे शिक्षक मेरे दोस्त होगे। मैं विश्वास के साथ मानता हूँ कि कोई problem हमे हरा नही सकेगी। राष्ट्ध्वज मेरे दिल में लहराता रहेगा। मैं गरीबी और अन्याय का खात्मा करूगा।